धर्मांतरण पर रोक से बौखला गए हैं कुछ लोग: BJP

भाजपा के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि कार्डिनल जैसे पदों पर बैठे लोगों की दुकानदारी बंद हो रही है। इसलिए उन्हें लोकतंत्र खतरे में लग रहा है। दीपक प्रकाश ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के बयान पर गुरूवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने धर्मांतरण विधेयक पारित कर जबरन और प्रलोभन से हो रहे धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाया है। जिस कारण ऐसी शक्तियां बौखलाहट में है और तरह-तरह के हथकंडे अपना कर दुष्प्रचार कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि कार्डिनल यूपीए की भाषा बोल रहे हैं। उन्हें कांग्रेस से प्रश्न पूछना चाहिए था, जिसके 60 वर्षों के शासन काल में लाखों लोग विस्थापित और बेघर हुए। परंतु वे संकीर्ण राजनीतिक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो उन्हें शोभा नहीं देता। प्रकाश ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का एक ही सूत्र है सबका साथ और सबका विकास। यही भारत की प्राचीन परंपरा है। भारत की सांस्कृतिक विरासत समन्वयवादी है, जिसके कारण अनेक पंथ, सम्प्रदाय यहां फलते-फूलते गए। सहिष्णुता यहां की संस्कृति में रग-रग में व्याप्त है, लेकिन इसे राष्ट्र विरोधी शक्तियों ने कमजोरी मान लिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सबका स्वागत है, परंतु राजनीति राष्ट्रहित में होनी चाहिए न कि सम्प्रदाय विशेष के तुष्टीकरण के लिए। तुष्टीकरण और सम्प्रदाय की राजनीति ने देश को टुकड़ों में बांटा है। भाजपा अब जाति, पंथ, भाषा, सम्प्रदाय की राजनीति से देश को निकालकर विकास से जोड़ रही है।

इधर भाजपा विधायक अनंत ओझा ने नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरे के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिसने राज्य को लूट कर अपने परिवार का खजाना भरा हो, उसके मुंह से भूख से मुक्ति की बात शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि झामुमो ने राज्य को लूटा और बदनाम भी किया है। उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। राज्य में कोई भी मौत भूख से नहीं हुई, परंतु नेता प्रतिपक्ष सस्ती लोकप्रियता की राजनीति कर रहे है। एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को निराधार बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसकी जांच करवाई है, जिसमें कहीं भी भूख से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

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