सरकार के प्रयास से बदली पांकी की फिजा

पांकी कर्पूरी चौक से यात्रियों से खचाखच भरी शिवशंकर बस रांची आने के लिए अभी बमुश्किल 15 मिनट ही चली होगी कि ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दी। फिर धीरे-धीरे सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। तेज चिलचिलाती धूप, ऊपर से बस के अंदर ठेलमठेल भरी भीड़ में 5 मिनट में यात्रियों का दम घूटने लगा। कुछ लोग चिल्लाए...अरे बस काहे रोक दिए हो कंडक्टर साब...यहां खड़े-खड़े काहे मरवाने पर तुले हैं...ड्राइवर कहता है, “अरे हम नहीं रोके हैं आगे डाइवर्सन में ट्रक फंस गया है, निकलेगा तबे ने चलाएंगे”। तभी आगे की सीट पर बैठे रामकुमार साव कहते हैं, अरे भाई रोड बन रहा है इहे खातिर पुरनका पुलिया तोड़ दिया है,” तभी उनके बगल की सीट पर बैठे गोपाल महतो बोल उठते हैं,” अभी अइसन ढेरे पुल तोड़ दिया है...जानकारी देते हुए कहते हैं...” बालूमाथ तक एक दर्जन से ज्यादे पुल तोड़ के डाइवर्सन बना दिया है, इहां से बालूमाथ तक अइसने रोड मिलेगा...” इस बीच गाड़ी फिर चल पड़ती है, लोग राहत भरी सांस लेते हैं लेकिन इस मुद्दे पर बात होती रहती है। इस बातचीत में उनके ठीक सामने वाली सीट पर बैठे सुरेश सिंह हिस्सा लेते हैं कहते हैं, “देखिए इ तो बात है कि रांची जाने में अभी खूबे परेशानी हो रहा है, बालूमाथे पहुंचे में डेढ़ घंटा से ज्यादे लग रहा है, लेकिन इ बात भी सोचिए कि अगर रोडवा बन गया तो केतना आराम हो जावेगा”। उन्होंने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “आज तक इ रोड में अइसे काम नहीं हुआ था, इ बार पूरा जबरदस्त काम हो रहा है, एकदमे सब दुरुस्त कर दे रहा है”। सुरेश सिंह की बात का समर्थन करते हुए रामकुमार साव कहते हैं, “इ बात तो आप ठीके कह रहे हैं भाई साब, बड़ी दिन बाद इ रोड के किस्मत खुलल है, अबकी बनेगा तो कई साल ठीक रहेगा”। इसी बीच बस जोतांग घाटी के पास यात्रियों को उतारने के लिए रूकती है। रामकुमार साव फिर बोल उठते हैं, “इ देखिए, इहां भी पुलिस पिकेट बना दिया है, इसके कारण इ एरिया में लूटपाट एकदमे खतम हो गया है, नई तो कारीमाटी में तो रोजे लूट लेता था, केतना बार तो हम खुदे भगवान भरोसे बचे हैं”। इस बार बहुत देर से इनकी बातें सुन रहे भानु मिस्त्री बोलते हैं, आप ठीके कह रहे हैं, चारे बजे शाम से कोई गाड़ी नहीं आता था इधर से हम तो केतना बार चंदवा में आके फंस गए हैं। वो कहते हैं, लेकिन अब कुछो डर नहीं लगता है रात में नौ बजे भी हम पांकी आए हैं, “बिना कोई डर-भय के...लोग कहता है कि बीजेपी सरकार कामे नहीं करता है, खाली बोलता है लेकिन देखिए, रोड तो बनाइये रहा है, उग्रवादियो सब के एकदमे ठंडा कर दिया है, डेली एगो के पकड़ा रहा है”।

वैसे देखा जाय तो ये दोनों ही बातें बिलकुल सच हैं कि पांकी–बालूमाथ रोड वर्षों बाद बनाया जा रहा है, उग्रवाद प्रभावित इस इलाके का यह रोड काफी महत्वपूर्ण हो गया है। क्योंकि बालूमाथ और चंदवा के बीच एक साथ कई कोल प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं, वहीं रांची-लोहरदगा-टोरी रेलवे लाइन शुरू होने के बाद इस पूरे इलाके का बदलाव होना तय है। बहरहाल, अगर पांकी की बात की जाय तो उग्रवाद प्रभावित इस क्षेत्र को बालूमाथ से जोड़ने वाली सड़क वर्षों से खराब हालत में थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इस 48 किमी सड़क को पूरी तरह कायाकल्प करने का मन बनाया और गांवों तक विकास की रौशनी पहुंचाने की कोशिश की है। वहीं उग्रवाद प्रभावित पांकी के निवासियों की लंबे समय से मांग थी कि कारीमाटी में पुलिस पिकेट बनाया जाए जिससे उनकी सुरक्षा हो सके। बता दें कि कारीमाटी घाटी में पिछले कई दशकों से लूटपाट, वाहनों को जलाने सहित हत्या की कई घटनाएं हुई हैं लेकिन इस क्षेत्र के निवासियों की ये मांग हमेशा ठंडे बस्ते में डाल दी जाती थी। जबकि वर्तमान रघुवर सरकार ने एक साथ दो पिकेट लगाने के साथ ही इस पूरे इलाके में विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने पर फोकस कर उग्रवाद पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया है। इन दो प्रयासों का इस इलाके की सामाजिक- आर्थिक स्थिति पर आनेवाले दिनों में व्यापक असर देखने को मिलेगा। उग्रवाद का दंश झेल रहे लोगों को विकास से जुड़ने का बेहतरीन अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने साथ-साथ अपने क्षेत्र की तस्वीर भी बदलने में कामयाब होंगे। इन सब के बीच उनकी इस बदलती तस्वीर में वर्तमान सरकार ने अपने पहल से फिलहाल ये दो बेहद जरूरी रंग भरे हैं।

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