विरोधी नहीं चाहते कि मैं संसद में देशहित के मुद्दे उठाऊं : शरद

जदयू के पूर्व सांसद शरद यादव ने कहा है कि उनके कुछ विरोधी नहीं चाहते हैं कि वह संसद में देशहित के मुद्दे उठा सकें. यादव को हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था.

यादव ने कहा कि उनके विरोधी समाज के सभी वर्गों से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने से उन्हें रोकने के लिये ये बाधायें उत्पन्न कर रहे हैं. राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू द्वारा उच्च सदन में उनकी सदस्यता रद्द करने के बाद यादव ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी. अदालत ने कल उनकी इस मांग को ठुकराते हुये सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी.

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये यादव ने ट्वीट कर कहा ‘‘संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने के मामले में न्यायपालिका के आदेश का सम्मान करते हुये मैं कहना चाहता हूं कि संसद में समाज के सभी वर्गों से जुड़े मुद्दे मजबूती से उठाने से मुझे रोकने के लिये मेरे विरोधी जिम्मेदार हैं.’’ उल्लेखनीय है कि यादव ने राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने के सभापति के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. इसके लिये दायर याचिका में उन्होंने अदालत का फैसला आने तक संसद की कार्यवाही में भाग लेने की भी अनुमित मांगी थी.

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *