2019 में बीजेपी की हार तयः बाबूलाल मरांडी

केंद्र और राज्यों में जबसे भाजपा की सरकारें आई हैं देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपने हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। सत्ता के लिए नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने तमाम संवैधानिक परंपराओं तथा व्यवस्थाओं को तहस- नहस कर दिया है। देश को आज बीजेपी के चंगुल से मुक्त करवाना जरूरी है। यही वजह है कि पूरा विपक्ष देश हित में एकजुट होकर इनके खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। मेरा दावा है कि विपक्षी एकजुटता के चलते 2019 में मोदी की निरंकुश व फासीवादी सरकार का अंत हो जाएगा। ये बातें आज स्थानीय परिसदन में झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से कही।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव में झारखंड में झाविमो तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन इन्होंने संविधान की 10वीं अनुसूची को ताक पर रखकर हमारे 8 विधायकों में से 6 को अपने पाले में मिला लिया और अपनी सरकार बना ली। हमने इसके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष की अदालत में न्याय की गुहार लगाई। लेकिन सोची समझी साजिश के तहत आज तक हमें न्याय की जगह सिर्फ तारीख पर तारीख ही मिली। इसके लिए उन्होंने गोवा, मणिपुर, मिजोरम से लेकर कर्नाटक तक के उदाहरण पेश किए। उन्होंने भाजपा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इनके द्वारा बनाए गए सारे नियम और कानून आम लोगों के बजाय सिर्फ कारपोरेट घरानों को ही फायदा पहुंचा रहे हैं। श्री मरांडी ने कहा कि सीएनटी- एसपीटी एक्ट में मनमाने ढंग से बदलाव कर भूमि अधिग्रहण कानून बनाया ताकि आम लोगों, किसानों, रैयतों की जमीन छीन कर उद्योगपतियों को दिया जा सके।

उन्होंने सिल्ली व गोमिया में हो रहे उपचुनाव को महज औपचारिकता बताते हुए कहा कि यहां विपक्षी गठबंधन के चलते झामुमो की जीत सुनिश्चित है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के धनबाद दौरे को इन उपचुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करार देते हुए कहा कि इस दौरे का हश्र भी लिट्टीपाड़ा उपचुनाव जैसा ही होगा। जनता उनकी चाल को समझ गई है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चार वर्षों के कार्यकाल को फ्लॉप बताते हुए कहा कि उनकी जुमलेबाजी के फेर में अब कोई पड़ने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री के वादों व नारों को झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि यही वजह है कि आज भाजपा के कार्यकर्ता गांवों का रूख करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

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