“जनादेश अपमान यात्रा” वन मैन शो!

राकेश कुमार

-जनादेश का हीं नहीं बापू के विचारधारा का अपमान किया है नीतीश कुमार ने- तेजस्वी
-राजद का जनादेश अपमान यात्रा चम्पारण से

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने चम्पारण से अपनी जनादेश अपमान यात्रा की शुरूआत की। बड़े भाई तेजप्रताप यादव, पूर्व मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता रामचन्द्र पूर्वे के साथ कई राजद विधायक, पूर्व विधायक के साथ तेजस्वी प्रसाद यादव ने पूर्वी चम्पारण के जिलामुख्यालय मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित गांधी बाल उद्यान में महात्मा गांधी की विशाल प्रतिमा के समक्ष कार्यक्रम की शुरूआत की। महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद चंद मिनटों के मौन के बाद तेजस्वी यादव ने उपस्थित समर्थकों को  संबोधित किया। उन्होंने महात्मा गांधी से क्षमा मांगते हुये कहा कि उन्हें पता नहीं था कि आज से तीन माह पूर्व वे जिस नीतीश कुमार के नेतृत्व में चन्द्रहिया से सात किलोमीटर की पदयात्रा करके यहां गांधी जी के समक्ष उनके आदर्शों पर चलने का और देश के विकास का संकल्प लिया था, वहीं गांधी जी के हत्यारे आरएसएस और भाजपा के गोद में जा बैठेंगे।

तेजस्वी यादव ने एक मजे हुये राजनीतिज्ञ की तरह जनादेश अपमान यात्रा को भारत-छोड़ो आन्दोलन से जोड़ते हुये कहा कि आज हीं के दिन गांधी जी ने भारत छोड़ो आन्दोलन का आगाज करते हुये अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया था। हम सौभाग्यशाली हैं कि आज हीं के दिन भाजपा भगाओं का नारा देते हुये देश को बचाने का संकल्प ले रहे हैं जिसमें आप सभी का सहयोग चाहिये। कहा कि कुछ साम्प्रदायिक शक्तियां देश को बांटने में लगी है, जाति, धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर आपस में लड़ाने का काम कर रही है, वैसी शक्तियों को रोकने का संकल्प हम चम्पारण से कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर सीधा प्रहार करते हुये कहा कि नीतीश कुमार ने न केवल जनादेश का अपमान किया है बल्कि बापू के विचाराधारा को अपमानित किया है। हम यहां बापू से माफी मांगने आये हैं। हमें पता नहीं था कि नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस के सामने घुटना टेक देंगें। लेकिन मैं 28 वर्ष का नौजवान ऐसी ताकतों से डरने वाला नहीं हूं। नफरत की राजनीति करने वाले नाथूराम गोडसे के अनुयायी तानाशाही का राज चला रहे हैं। हम उनके विरूद्ध एकता के साथ लड़ाई जारी रखेंगे। तेजस्वी यादव ने सभी जातियों के लोगों के लिये सामाजिक न्याय की वकालत की। वहीं माधोपुर में तेजस्वी यादव ने अपने उपर लगाये गये सभी आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि सभी आरोप झूठा है। जब होटल वाली धटना में मुझे घसीटा गया तो मैं विराट कोहली के साथ क्रिकेट खेल रहा था। कहा कि मैं धर्मपुत्र हूं। कृष्ण बलराम की तरह हमें माता-पिता का आर्शिवाद प्राप्त है। कोई माई का लाल मुझे सजा नहीं दिला सकता चाहे नीतीश हो, अमित साह हों या मोदी। लोकतंत्र में यह अधिकार केवल आप के पास है। आपने महागठबंधन को जनादेश दिया था पर नीतीश कुमार हत्यारों के साथ जाकर मिल गये। हम सिद्धांत की लड़ाई लड़ रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार के डीएनए को खराब कहा गया था। इसके लिये नीतीश कुमार ने 50 लाख बाल और नाखून का सैंपल भेजा था। अब वे उसको पटना म्यूजियम में सजा कर रखें। वहीं लालू यादव ने कहा कि सुशील मोदी पागल है। अफवाह मिंया है और नीतीश कुमार पलटू राम हैं। नीतीश कुमार की अन्तरात्मा की आवाज चार बार उठ-बैठ की। और जनादेश का अपमान कर वे हे राम से जय श्री राम बन गये। जनता माफ नहीं करेगी।

पुराने कार्यकर्ताओं में उत्साह की रही कमी
तेजस्वी यादव के जनादेश अपमान यात्रा में अपेक्षित भीड़ नजर नहीं आई। यही नहीं पार्टी नेताओं में भी कुछ को छोड़ कर उत्साह भी नहीं दिखा। पूर्वी चम्पारण में पार्टी के चार विधायक है। कार्यक्रम में लोगों की भीड़ से भी स्पष्ट हो गया कि विधायकों ने पूरी शक्ति का प्रदर्शन नहीं किया है। हालांकि चिरैया के पूर्व विधायक रहे लक्ष्मी नारायण यादव सबसे ज्यादा सक्रिय दिखे। समर्थकों के नारेबाजी में तेजस्वी यादव जिन्दाबाद, लालू यादव जिन्दाबाद के साथ ही लक्ष्मी नारायण यादव जिन्दाबाद के नारे ने भी यह स्पष्ट किया कि उनके समर्थको की संख्या अधिक थी। मंच की अव्यवस्था से सहज अनुमान लग गया कि कार्यक्रम का नेतृत्व संभालने की जिम्मेवारी भी सही ढंग से नहीं निभाई गई है। जिला राजद के नेतृत्व पर भी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता उंगली उठाते नजर आये। केशरिया विधायक सहित कई नेता सहभागिता से ज्यादा तमाशबीन की मुद्रा में दिखे। एक सकारात्मक पक्ष यह था कि उपस्थित समर्थकों में सबसे ज्यादा युवाओं की संख्या थी। कहने का तात्पर्य ये कि युवाओं में तेजस्वी यादव नेता के रूप में ज्यादा लोकप्रिय हैं। हालांकि बदले हुये राजनीतिक परिवेश में कई राजद नेता और कार्यकर्ता अपना चेहरा भीड़ से अलग हीं रखने में अपनी भलाई समझ रहे थे। जो कभी मंच पर चढ़ने की आपाधापी में रहते थे वो भी मंच से अलग हीं देखे गये।

वन मैन शो
मोतिहारी से शुरू हुये जनादेश अपमान यात्रा में पश्चिमी चम्पारण के माधोपुर गांव में आयोजित जनसभा तक पूरा कार्यक्रम वन मैन शो बना रहा। मोतिहारी गांधी बाल उद्यान के कार्यक्रम और माधोपुर के जनसभा में भी केवल तेजस्वी यादव हीं जनता को सम्बोधित किया। हालांकि उनके साथ वरिष्ठ नेता शिवानन्द तिवारी, प्रवक्ता मनोज झा और प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे के साथ बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी मौजूद थे। पूरी यात्रा को समग्रता से देखा जाये तो लगा कि सुप्रिमों लालू यादव तेजस्वी के नेतृत्व में अपनी अश्वमेध रथ छोड़ कर उसके प्रभाव का आकलन कर रहे हैं कि उसको जनता का कितना समर्थन मिल रहा है। वहीं साथ में आये वरिष्ठ नेतागण इसकी समीक्षा कर रहे थे कि अगली रणनीति क्या होनी चाहिये। यहां तक कि मंच से हीं तेजस्वी यादव ने विडियों कालिंग के द्वारा लालू प्रसाद यादव से भी बात की और वहां का आखों देखा हाल भी बताया।

जनसभा के लिये गांव का चयन जातिय आधार पर !
अमूमन कोई भी नेता अपनी यात्रा का शुभारम्भ पश्चिम चम्पारण के भितिहरवा आश्रम से या बगहां, वाल्मिकी नगर से करता है। नीतीश कुमार की यात्रायें हों या अन्य नेताओं की सभी ने अपनी यात्रायें वहीं से शुरू की हैं। परन्तु जनादेश अपमान यात्रा के लिये राजद नेताओं ने पूर्वी चम्पारण की सीमा से लगे पश्चिमी चम्पारण के मझौलिय प्रखंड के माधोपुर गांव को चुना। माधोपुर हीं क्यों? इस प्रश्न का कोई सार्थक जवाब अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे नहीं दे सके। क्या राजद को यह अंदाजा था कि भितिहरवा या बगहां में वे जनसमर्थन जुटा नहीं पायेंगे। या फिर वहां पार्टी अपने आप को कमजोर समझ रही थी। बहरहाल ये तो स्पष्ट है कि माधोपुर को चुनने का एक महत्वपूर्ण कारण उसका मुस्लिम बहुल गांव होना था। राजद इसी समीकरण को हीं अपना आधार मान रहा है।  यादव और मुस्लिमों को राजद एकजुट करके अपने खिसकते जनाधार को बनाये रखना चाहता है। कार्यक्रम में भी अधिक चेहरे भी उन्हीं के थे।

वरिष्ठ नेताओं  को नहीं पाकर कार्यकर्ताओं में निराशा
सभा स्थल पर वरिष्ठ नेताओं जैसे जगदानन्द सिंह, अब्दुल वारी सिद्दीकी, रघुवंश सिंह आदी को कार्यकर्ता खोजते नजर आयें। भीड़ में एक बुजुर्ग राजद कार्यकर्ता दूसरे से पूछ रहा था कि ’ हो कओनो बड़का नेता नहीं दिखाई देत’। इस पर दूसरे ने जवाब दिया ’ देखत नईख खाली छवारिके सब बा, लागता कि पुरनका नेता के किनारे करके नयेका के पूछल जा ता’। कार्यकार्ताओं के इस वार्ता से यह बात निकल कर सामने आई कि पुराने नेताओं के नहीं होने का विपरित प्रभाव लोगों में गया। यह भ्रांति फैली कि या तो पुराने नेताओं को किनारा कर दिया गया है या उन्होंने किनारा कर लिया है। वहीं शिवानन्द तिवारी, रामचन्द्र पुर्वे और मनोज झा द्वारा भी सम्बोधन नहीं किये जाने पर भी सवाल उठते रहे।

तेजप्रताप बने रहे आकर्षण का केन्द्र
माधोपुर में बड़े भाई तेजप्रताप यादव का हाव-भाव लोगों  के आकर्षण का विषय बना रहा। उनकी भाव-भंगिमाओं को लोग देखते रहे। जब मंच से संचालक ने उन्हें बोलने के लिये आमंत्रित किया तो उन्होंने कहा कि बड़ा जल्दी हमरा नाम एनाउन्स हो गया। हमको टू द प्वाइंट बोलना होगा। कहा कि हमारे छोटे भाई को गौर से सुनिये। हमको तो पहले ही पता चल गया था कि नीतीश कुमार दगाबाजी करेंगे। इसके बाद वे बैठ गये। वहीं मंच पर तेजप्रताप तेजस्वी यादव के साथ सेल्फी लेते रहे और लगातार मोबाईल से विडियो बनाकर लालू प्रसाद यादव को भेजते रहे। वे एक-एक पल की जानकारी विडियो द्वारा पिता लालू प्रसाद को देते रहे।

सफल रहे तेजस्वी
यात्रा में साथ चल रहे शिवानन्द तिवारी, रामचन्द्र पूर्वे और मनोज झा एक-एक पल की समीक्षा करते रहे। मनोज झा तो भीड़ के पीछे खड़े होकर पूरे कार्यक्रम पर नजर रखे हुये थे। कार्यक्रम के सफलता और तेजस्वी यादव के बारे में पूछे जाने पर शिवानन्द तिवारी का जवाब था कि तेजस्वी यादव ने इम्प्रेस किया है। वहीं मनोज झा ने कहा कि तेजस्वी यादव पास हो गये।

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