ओबीसी स्कैमः जन धन लूट योजना के तहत एक और घोटालाः राहुल

केंद्र की मोदी सरकार एक के बाद दूसरे घोटाला होने से बुरी तरह घिरती नजर आ रही है। देश के इतिहास में ये पहली बार हो रहा है कि एक के बाद दूसरा सरकारी बैंक दो हफ्तों के भीतर ही घोटाले में फंस गया हो। पीएनबी घोटाले की जांच अभी शुरू ही हुई थी कि सीबीआई ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की एक शाखा के साथ धोखाधड़ी किए जाने का मामला दर्ज किया है।

इन सब के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने पीएम मोदी की जन-धन योजना पर तंज कसते हुए उसे ‘जन धन लूट योजना’ करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी जी की जन धन लूट योजना के तहत एक और घोटाला। 390 करोड़ रुपए के इस घोटाले में दिल्ली के एक जूलर का नाम शामिल है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि नीरव मोदी के जैसा तरीका ही अपनाया गया। फेक एलओयू… जाहिर है जिस वक्त सरकार का ध्यान कहीं और था नीरव मोदी और विजय माल्या की तरह ही यह भी गायब हो गया।’

गौरतलब है कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बाद सीबीआई ने ओबीसी की दिल्ली की एक शाखा के साथ 390 करोड़ रुपए की कथित तौर पर ऋण धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने कथित धोखाधड़ी के लिए द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल लिमिटेड पर मामला दर्ज किया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की शिकायत के छह माह बाद एजेंसी ने कंपनी के निदेशकों सभ्य सेठ, रीता सेठ, कृष्ण कुमार सिंह और रवि सिंह खिलाफ मामला दर्ज किया है।

रिपोर्ट्स है कि द्वारका सेठ इंटरनेशनल ने साल 2007 से ग्रेटर कैलाश-2 की ओबीसी की शाखा से फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट, फॉरेन डॉक्युमेंट्री बिल परचेज और अन्य जरियों का इस्तेमाल करते हुए कई क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया है। बैंक ने दावा किया है कि सभ्य सेठ के अलावा अन्य निर्देशक पिछले 10 महीनों से अपने घरों में नहीं मिले हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सभ्य सेठ ने भारत छोड़ दिया है। बैंक ने इस मामले में 16 अगस्त 2017 को सीबीआई का रुख किया था, लेकिन शिकायत गुरुवार को दर्ज की गई। सीबीआई द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने में छह माह का वक्त लगाया गया, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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