अब सुब्रमण्यम स्वामी ने अमर्त्य सेन को कहा ‘गद्दार’

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भारत रत्न प्राप्त अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को निशाना बनाया है। स्वामी ने आरएसएस के कामों के तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि वह भी भारत के ही नागरिक हैं। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने देश के लिए बहुत काम किया है, लेकिन उन्हें उतनी सम्मानित निगाहों से नहीं देखा जाता है। इसी दौरान उन्होंने अमर्त्य सेन को गद्दार कहकर संबोधित किया।

बिहार के प्रख्यात नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए स्वामी ने कहा अमर्त्य सेन ने इसे लूटने का काम किया है। स्वामी ने दावा किया कि एनडीए ने अमर्त्य सेन को भारत रत्न सिर्फ इसलिए दिया क्योंकि वह लेफ्ट विंग का समर्थन करते हैं और सोनिया ने उन पर दवाब बनाया था। बता दें कि वर्ष 1998 में अमर्त्य सेन को भारत के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। जिस वक्त अमर्त्य सेन को भारत रत्न दिया गया था, उस वक्त केंद्र की सत्ता पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी की सरकार हुआ करती थी।

दरअसल गणतंत्र दिवस की पूर्व संख्या पर भारत सरकार ने देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया था। इनमें कला, संस्कृति, खेल के साथ मानव सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान देने वालों को जगह दी गई थी। इस बार 85 लोगों को पद्म अवॉर्ड दिया गया। जिसके बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर आरएसएस के नेताओं को सम्मानित करने को लेकर निशाना साधा था। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि सिर्फ उन्हीं लोगों को इस लिस्ट में जगह दी गई है जो सरकार का प्रचार और प्रसार करने में योगदान दे रही है।

पद्म पुरस्कारों के नामों के ऐलानों के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता सुरजेवाला ने ट्विटर पर पद्म पुरस्कार पाने वाले गणमान्य लोगों में से पांच लोगों पर सवाल खड़ा किया था, जिनमें आरएसएस नेता वेद प्रकाश नंदा और केरल आरएसएस प्रचारक चीफ पी परमेश्वर के नाम भी शामिल थे। सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी सरकार नंदा को भी पद्म पुरस्कार देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसे शख्स को सम्मानित कर रही है जो एनआरआई लोगों के बीच आरएसएस के विचारों का प्रचार और उनकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।

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