अब मध्य गुजरात की यात्रा पर राहुल गांधी

अपने गांव की धूल माथे पर लगाकर नरेंद्र मोदी दिल्ली लौटे ही थे कि राहुल गांधी ने दूसरी बार गुजरात जाने की तैयारी कर ली है। दरअसल गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई हैं। जहां बीजेपी ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए जी जान लगा दिया है, वहीं कांग्रेस दशकों के बनवास को तोड़ने के लिए बेताब है।कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी के हिंदुत्व राजनीति के हथियार से ही बीजेपी को मात देने की जुगत में हैं। यही वजह है कि सौराष्ट्र के बाद अब मध्य गुजरात में भी राहुल गांधी कई मंदिरों के इर्द-गिर्द घूमते नजर आएंगे।

दूसरे चऱण में राहुल गुजरात में करीब 500 किमी की यात्रा करेंगे और इस दौरन वे कई जनसभाएं भी करेंगे।आपको बता दें कि गुजरात कांग्रेस ने चुनाव प्रचार को 4 चरणों में बांटा है और हर चरण में राहुल गांधी 3 दिवसीय दौरा करेंगे।

राहुल ने पहले दौर के चुनाव प्रचार की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर में माथा टेक कर की थी। इस बार नवसर्जन यात्रा के इन तीन दिवसीय दौरे पर राहुल मध्य गुजरात के फागवेल, सालिया, नाडियाड क्षेत्रों के मंदिरों में माथा टेकते नजर आ सकते हैं।
दरअसल 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह एंटनी कमेटी ने हिंदू विरोधी छवि को जिम्मेदार माना था। राहुल ने गुजरात विधानसभा चुनाव के जरिए कांग्रेस की हिंदू विरोधी छवि को तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है।राहुल गांधी बीजेपी द्वारा कांग्रेस पार्टी पर लगाए गए 'हिंदू विरोधी' और 'अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण' जैसे आरोपों पर भी जवाब देने का प्रयास कर रहे हैं।

दरअसल गुजरात में करीब बीस साल पहले जब बीजेपी ने हिंदुत्वा कार्ड के जरिए कांग्रेस के हाथों से सत्ता छीना था। इसके बाद कांग्रेस आज तक गुजरात में वापस सत्ता में नहीं आ सकी। यही वजह है कि राहुल गुजरात में अब बीजेपी को उसी के हथियार से मात देने की कवायद में जुट गए हैं, अब देखना दिलचस्पहोगा कि राहुल की मंदिरों में माथा टेकने की रणनीति कहीं अल्पसंख्यकों को पार्टी से दूर न कर दे।

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