आर्मी जैसी वर्दी पहनना आम लोगों को पड़ेगा महंगा. हो सकती है सजा


पुलवामा में आतंकी घटना के बाद लोग आक्रोश में हैं। सेना के प्रति लोगों का विश्वास और अस्था बढ़ी है। हालांकि इसे जताने के लिए सेना जैसी वर्दी नहीं पहने। इससे आपको लेने के देने पड़ सकते हैं। आर्मी वर्दी जैसे कपड़ा पहनना लोगों के लिए महंगा पड सकता है। कानून की नजर में किसी भी आम नागरिक का आर्मी जैसी वर्दी पहनना अपराध है। उन्हें आईपीसी की धारा-140 और 171 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। पठानकोट हमले के बाद वर्दी नहीं पहनने की अपील सेना ने आम लोगों से की थी।

आर्मी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि आर्मी की तरफ से लोगों को आर्मी वर्दी जैसे कपड़े न पहने का ऑर्डर नहीं निकाला गया है, क्योंकि आर्मी सिर्फ अपनी फोर्स के लिए ही ऑर्डर निकाल सकती है। कई बार अपील जरूर की गई है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों के सेक्रेटरी को निर्देश दिए हैं कि जो लोग भी अनाधिकृत तरीके से आर्म्ड फोर्स (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म पहनते हैं उन्हें आईपीसी की धारा-140 और 171 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हालांकि यह भी महसूस किया गया कि लोग देशभक्ति दिखाने के लिए भी आर्मी जैसी दिखने वाली वर्दी पहन लेते हैं तो क्या सीधा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

मंत्रालय की तरफ से राज्यों के सेक्रेटरी से कहा गया कि राज्य पुलिस देखे कि किस मामले को किस तरह लिया जाए। क्या देशभक्ति की वजह से आर्मी जैसी यूनिफॉर्म पहनी है या फिर गुमराह करने के लिए। आईपीसी की धारा-140 के मुताबिक अगर कोई यह दिखाने के लिए कि वह आर्म्ड फोर्सेस का हिस्सा है और आर्मी, नेवी या एयरफोर्स की तरह दिखने वाले कपड़े पहनता है या प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल करता है तो उसे अधिकतम तीन महीने तक की जेल और 500 रुपये का जुर्माना हो सकता है।

अधिकारी के मुताबिक 2016 में पठानकोट हमले के बाद आर्मी की तरफ से लोगों को अपील की गई थी कि इस तरह के कपड़े ना पहनें जो आर्मी की वर्दी की तरह दिखते हों। साथ ही दुकानदारों से भी अपील की थी कि वह कॉम्बेट क्लोथ (सेना के जवानों की तरह की पोशाक) आम लोगों को ना बेचें। साथ ही प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों से भी कहा था कि वह अपने गार्ड्स की वर्दी कॉम्बेट पैटर्न की ना बनाएं।

रिटायर्ड डिफेंस एनालिस्ट कर्नल अशोक कहते हैं कि नेताओं को खुद को आर्मी लीडर दिखाने के लोभ से दूर रखना चाहिए। हमें बुलेट को और बैलेट को अलग-अलग रखना है। अगर बुलेट-बैलेट को मिक्स करेंगे तो खतरनाक स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि जब कभी आर्मी समारोह में कोई मंत्री आता है और जवानों के साथ रहता है तो उन्हें आर्मी की वर्दी पहनाई जाती है। लेकिन किसी नेता का आम लोगों के बीच मैसेज देने के लिए या उसके राजनीतिक इस्तेमाल के लिए आर्मी जैसे कपड़ों का इस्तेमाल गलत है।

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