शराबबंदी पर नहीं होगी कोई नरमी : नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर शराब बंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने अपने इस नशामुक्ति अभियान को अंजाम तक पहुंचाने के संकल्प को दुहराया है। श्री कुमार ने कहा कि जब तक इस धरती पर वो हैं किसी कीमत पर शराबबंदी अभियान को छोड़ने वाले नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का फैसला आसान नहीं था यह काफी कठोर निर्णय था. राज्य को शराब के कारोबार से 5000 करोड़ रुपए राजस्व की आमदनी होती थी। लेकिन जब देखा गया कि लोगों की जेब से 10 हजार करोड़ से भी ज्यादा शराब में चला जाता है तो सरकार हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकती। सवाल आम जनता का था गरीबों का था इसीलिए फैसला लिया गया।

इसलिए बहुत सोच विचार कर 26 नवंबर 2015 को ऐलान किया कि उत्पाद नीति नहीं लाएंगे। उन्होंने कहा कि आज राज्य में पूर्ण शराबबंदी का परिणाम सबके सामने है समाज के हर वर्ग में खुशी है।

इसका सुखद असर समाज पर पड़ा है प्रदेश में शारीरिक हिंसा की घटनाएं 6. 54% से घटकर 5% रह गई हैं. वहीं मानसिक हिंसा में आश्चर्यजनक परिणाम सामने आये हैं यह 79% से घटकर 11% पर आ गई है। इसी प्रकार मौखिक हिंसा 73% से घटकर 14% पर आ गई है, आर्थिक हिंसा 70% से घटकर 6% पर आ गयी है जबकि यौन हिंसा 10. 55% से घटकर 4% रह गई है।

शराबबंदी से व्यापक रूप से सामाजिक परिवर्तन दिख रहा है। नीतीश कुमार ने कहा कि सभी महिलाओं से कहना चाहता हूं कि लोगों को बताएं कि अगर शराब पियोगे तो तुम को पिलाने वाला शराब में जहर डाल देगा और तुम को मार देगा इसलिए मत पियो, पीने की कोशिश मत करो। जो चोरी छिपे कारोबार कर रहे हैं वह कितना गंदा कारोबार कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि बहुत लोग इसको अपनी लिबर्टी के साथ जोड़कर देखते हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि शराब का सेवन या शराब का कारोबार कोई मौलिक अधिकार नहीं है। दो नंबर के धंधे में कमाई करने वाले हम लोगों के तंत्र में भी हैं। इस तरह की कमाई में लगे हुए लोगों पर भी कठोर कार्रवाई हो रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दहेज के खिलाफ अभियान के कारण शराबबंदी पर कम चौकसी नहीं होगी।

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