नहीं रहा मोदी जादू, मुश्किल से बचाया गुजरातः हेमंत

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की जीत पर कहा कि इन चुनावों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार राजनीति का स्तर गिराया और विपक्ष पर तरह-तरह के आक्षेप लगाए उससे माहौल खराब हुआ है, राजनीतिक मर्यादा का पतन हुआ है। कहा कि इन राज्यों में भले ही भाजपा की सरकार बन गई हो लेकिन जनता ने इनका असली चेहरा देख लिया है और जल्द ही पूरे देश से भाजपा का नामोनिशान मिट जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता ये कहा करते थे कि गुजरात तो बीजेपी का गढ़ है यहां भाजपा को 150 सीट आएगी। पर ऐसा नहीं हुआ बीजेपी 99 पर सिमट गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात चुनाव में धुआंधार रैली की लेकिन इसके बाद भी देखा जाय तो उनका मंसूबा सफल नहीं हो पाया। विपक्ष आज गुजरात में मजबूत स्थिति में खड़ा है। वहीं मोदी का जादू कम हो रहा है, भाजपा की सच्चाई धीरे –धीरे लोगों के सामने आ रही है। इसके साथ ही श्री सोरेन ने कहा कि यह तो शुरूआत है और जल्दी ही यह टाइटेनिक की नांव डूबने जा रही है, जिसका नामोनिशान भी इस देश में नहीं रहेगा।

वहीं झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह तो एक्सपेक्टेड ही था, क्योंकि जिस तरह से गुजरात चुनाव के दूसरे चरण में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी गरिमा को ताक पर रखकर और अपने मूल मुद्दे से हटकर पाकिस्तान के मुद्दे को ले आये और सीधे-सीधे हिंदु और मुसलमान को बांटने का काम किया है। यह एक दुखद पहलू है। इसी दुखद पहलू के साथ वहां के नतीजे आये हैं।

उन्होंने कहा कि इन जगहों पर नरेंद्र मोदी सरकार जरूर बना लें, लेकिन मोदी चुनाव हार चुके हैं। कहा कि एक्डिट पोल के नतीजे देखें या जो दावे किये जा रहे थे भाजपा नेताओं के द्वारा तो उससे बहुत ज्यादा निराशाजनक प्रदर्शन बीजेपी का मैं मानता हूं। हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस आयेगा सत्ता में, लेकिन एक कड़ा टक्कर देखने को मिली है। लेकिन एक बात साबित हो गया है कि गुजरात मॉडल जिसकी बात किया करते थे बीजेपी के नेता खासकर नरेंद्र मोदी तो गुजरात मॉडल गुजरात में ही ध्वस्त हो गया। किसी तरह बहुमत के पार पहुंचे हैं और जो उनका दावा था 150 सीट का उससे 40 सीटें कम ही मिलीं और इन्हें कितनी मशक्कत करनी पड़ी। ये भी किसी से छुपा नहीं है। क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने 36 रैलियों को संबोधित किया और आजतक उन्होंने किसी भी राज्य इतनी रैलियां नहीं की हैं।

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