साथी बदल नीतीश ने ली छठी बार सीएम पद की शपथ

कल तक जो दुश्मन थे, वो दोस्त हो गए। महज 24 घंटे के भीतर बिहार की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी पर करप्शन के आरोपों का हवाला देकर महागठबंधन को खत्म करने वाले नीतीश ने एनडीए के सहयोग से दोबारा से सरकार बना ली है। आज (गुरुवार) उन्होंने छठी बार बिहार के सीएम के तौर पर शपथ ली और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने बतौर डेप्युटी सीएम पद की शपथ ली।

अब बिहार की सत्ता का सियासी गणित पूरी तरह बदल गया है। 243 सीट वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के सहयोग से नीतीश बहुमत के आंकड़े 122 से आगे हैं। जेडीयू के पास 71 विधायक हैं। बीजेपी के 53, एलजेपी के 2, आरएलएसपी के 2 और जीतनराम मांझी की हम के 1 विधायक के सहयोग से सत्ताधारी गठबंधन के पाले में अब कुल 129 विधायक हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश शुक्रवार को ही बहुमत साबित करेंगे। इसके बाद ही बाकी मंत्री शपथ लेंगे।

अब सभी की नजरें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के अगले सियासी चाल पर होगी। बता दें कि तेजस्वी ने कहा है कि वह गवर्नर द्वारा नीतीश को सरकार बनाने के लिए बुलाने के फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। तेजस्वी का तर्क है कि आरजेडी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी थी, इसलिए उन्हें सरकार बनाने का मौका देना चाहिए था। राजनीतिक जानकार भी यह मानते हैं कि अगर आरजेडी को बीजेपी विरोधी जेडीयू विधायकों का समर्थन मिल जाता तो वह भी सरकार बनाने की स्थिति में होती।

बता दें कि बुधवार शाम को सियासी ड्रामे का अंत कुछ ऐसा हुआ कि बिहार की राजनीति में सबकुछ बदल गया। सत्ता पर विराजमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया. लेकिन कुछ ही घंटों बाद बीजेपी के समर्थन से उनकी सत्ता में वापसी भी तय हो गई.

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