जाति नहीं, विकास की राजनीति करते हैं नीतीश कुमारः रोहित

छात्र जदयू नेता रोहित कुमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में न तो पहले जातीय समीकरण था और ना ही आज है। लेकिन फिर भी वो लगातार 13 साल से राज्य की बागडोर संभाले हुए हैं। नीतीश कुमार की राजनीतिक सफलता का राज जातीय समीकरण नहीं बल्कि जातीय वर्ग के संघर्ष को ख़त्म कर विकास का कीर्तिमान गढ़ना है। जिस प्रकार मानवीय विकास में बिहार तेजी से अग्रसर हुआ है यही उनकी राजनीति का तरीका है, वे विकास के लिए राजनीति में आए हैं कुर्सी के लिए नहीं।

नीतीश कुमार जिस तरह से बगैर जातीय समीकरण के राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं, ये इस बात को साबित करता है कि जातीय राजनीति के लिए देश भर में बदनाम बिहार की जनता पिछले कुछ सालों से विकास के अजेंडे पर वोट करने लगी है। सबसे ख़ास बात ये है कि अब सारे राजनीतिक दल नीतीश कुमार की इस राजनीति को समझने लगे हैं और अब ये सभी दल जाति-मजहब की राजनीति छोड़कर विकास, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की बात करने लगे हैं। ऐसे में अगर कोई नीतीश कुमार की राजनीति को समझना नही चाहे, तो इस पर कुछ टिप्पणी करना समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी है।

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