आजादी के बाद नेहरू ने भी मांगी थी संघ से मददः उमा भारती

संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सेना की तैयारी को लेकर दिए गए बयान पर हो रहे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को दावा किया कि आजादी के कुछ ही समय बाद जब पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संघ से मदद मांगी थी।

उमा भारती ने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर के राजा महाराजा हरि सिंह संधि पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे और शेख अब्दुल्ला ने हस्ताक्षर करने के लिए उनपर दबाव डाला। उन्होंने कहा कि नेहरू दुविधा में थे और फिर पाकिस्तान ने एकाएक हमला कर दिया और उसके सैनिक उधमपुर की तरफ बढ़ने लगे। उस समय नेहरूजी ने गुरू गोवलकर से स्वयंसेवकों की मदद मांगी। स्वयंसेवक मदद के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे।

उमा भारती ने यह बात संघ प्रमुख भागवत की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए कही, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिये लड़ने की खातिर संघ के पास तीन दिन के भीतर सेना तैयार करने की क्षमता है। अपनी छह दिवसीय मुजफ्फरपुर यात्रा के अंतिम दिन जिला स्कूल मैदान में संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि सेना को सैन्यकर्मियों को तैयार करने में छह-सात महीने लग जाएंगे, लेकिन संघ के स्वयं सेवकों को लेकर यह तीन दिन में तैयार हो जाएगी। यह हमारी क्षमता है पर हम सैन्य संगठन नहीं, पारिवारिक संगठन हैं लेकिन संघ में मिलिट्री जैसा अनुशासन है। अगर कभी देश को जरूरत हो और संविधान इजाजत दे तो स्वयंसेवक मोर्चा संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते बलिदान देने को तैयार रहते हैं। भागवत ने कहा कि देश की विपदा में स्वयंसेवक हर वक्त मौजूद रहते हैं।

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