सीएम और स्पीकर का शीतयुद्ध खत्म करने आये थे नथवानी !

राज्यसभा सांसद और अमित साह के अति निकट मानेजाने वाले परिमल नथवानी क्या सीएम और स्पीकर के बीच जारी शीतयुद्ध खत्म करने आये थे! मुख्यमंत्री रघुवर दास और स्पीकर डॉ दिनेश उरांव से अल-अलग मुलाक़ात करके नथवानी ने उन्हें दिल्ली का कौन सा सन्देश दिया! नथवानी ने तकरीबन 35 मिनट विधानसभा की कार्रवाई भी देखी. जहां मुख्य सचिव, डीजीपी और अनुराग गुप्ता पर सदन आंदोलित था. यह सब देखकर वो दिल्ली चले गए. जहां वो झारखण्ड के झमेले पर पूरी रिपोर्ट भाजपा अध्यक्ष अमित साह को सोंपेंगे.

नथवानी की संक्षिप्त झारखण्ड यात्रा से यहाँ की पहले से गर्म राजनीति और खौल गयी है. जानकारों की मानें तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच जारी शीतयुद्ध को लेकर काफी असहज है. स्पीकर आदिवासी हैं, संघ के प्रियपात्र हैं, ऐसे में उन्हें झटके से हटाने के नफा-नुक्सान का पार्टी आकलन कर रही है. स्पीकर को अगर जबरन हटाने की कोशिश की गयी तो भाजपा के अधिकांश आदिवासी विधायक उनके पीछे लामबंद हो जायेंगे, ऐसे में भाजपा चुनावी वर्ष में फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहती है.

झारखण्ड से राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी को इस संबंध में राजनीतिक परिस्थिति का आकलन करने रांची भेजा गया. उनकी रिपोर्ट के बाद ही पार्टी कोई फैसला करेगी. इस बीच सदन में हर रोज़ सरकार की किरकिरी हो रही है. सरकार के अंदर की हर बात सदन में गूँज रही है. सरकार की ओर से राजबाला बनाम सजल करने की कोशिश भी गुरुवार को की गयी. जैसे-जैसे दोनों पक्ष हठधर्मिता दिखा रहे हैं, राजनीतिक बहस का दायरा सिकुड़ता जा रहा है, जो झारखण्ड के लिए अच्छी स्थिति नहीं है.

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