आरक्षण को लेकर पार्टी के सवाल का जवाब दें मोदी: हम

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) अनुसूचित जाति, जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एल वैश्यन्नी ने कहा कि हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अनुसूचित जाति जनजाति के आरक्षण के मामले में एक बड़ा बयान दिया है कि भारत में 1950 से लेकर अब तक प्रत्येक 10 वर्ष पर अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए निर्धारित आरक्षण कोटे की समीक्षा की जानी चाहिए थी। वैश्यन्नी ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए सृजित पदों पर कितनी नियुक्तियां हुई हैं और कितने शेष पद रिक्त रह गए।

इन पदों को भरने के लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कौन सी कार्रवाई की जा रही है। ये सवाल वाजिब है। वैश्यन्नी ने कहा कि मांझी के इस बयान से दलित समाज में खुशी है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह से रिक्त पदों की गणना हो जाती है तो उन पदों पर इस वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को आरक्षित पदों के लिए विरुद्ध नौकरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार के अनुसूचित जाति, जनजाति के पढ़े लिखे युवक जीतनराम मांझी के मांग का समर्थन करते हैं, और आने वाले समय में इसके लिए बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है।

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