मन की बात में मोदी ने नेहरू को इग्नोर किया, शास्त्री की चर्चा

रामनवमी की शुभकामना से आज अपने मन की बात शुरू कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम और गांधी को साथ मिलाने की राजनीतिक चतुराई दिखायी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के जीवन को भी राम के नाम से जोड़ा. पीएम मोदी ने कहा, 'पूज्य बापू के जीवन में ‘राम नाम’ की शक्ति कितनी थी वो हमने उनके जीवन में हर पल देखा है.' आगे उन्होंने कहा, 'आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है. आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे माँ-भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है.'

उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी, सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है. मिट्टी, खेत-खलिहान और किसान से महात्मा गाँधी को लगाव था.

प्रधानमंत्री ने जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी को इग्नोर करते हुए केवल लाल बहादुर शास्त्री की चर्चा की. प्रधानमंत्री ने कहा, शास्त्री जी पेड़, पौधे और वनस्पति के संरक्षण और बेहतर कृषि-ढांचे की आवश्यकता पर अक्सर ज़ोर दिया करते थे. डॉ० राम मनोहर लोहिया ने तो हमारे किसानों के लिए बेहतर आय, बेहतर सिंचाई-सुविधाएँ और उन सब को सुनिश्चित करने के लिए और खाद्य एवं दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागृति की बात कही थी.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कृषि-उन्नति-मेले में गया था. वहाँ कृषि से जुड़े अनेक अनुभवों को जानना, समझना, कृषि से जुड़े innovations के बारे में जानना- ये सब मेरे लिए एक सुखद अनुभव था. मेघालय और वहाँ के किसानों की मेहनत ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, कम क्षेत्रफल वाले इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है.

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