दिन में कितनी बार लालू मन्त्र जपते हैं मोदी : तेज़स्वी

छठ से शुरू हुए सुशील मोदी और तेज़स्वी यादव के नए टंटे मंगलवार को मॉल की मिटटी और निगरानी जाँच तक पहुँच गए | बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने संजय गांधी जैविक उद्यान में मिट्टी घोटाले की निगरानी जांच के आदेश की बात कही तो इस मामले को विरोधी दल के नेता तेजस्‍वी यादव ने तुरत लपक लिया | तेज़स्वी ने मोदी से 15 सवालों का जवाब भी मांग लिया | उन्होंने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता आपके काले चिट्ठों से वाकिफ है. आप स्वयं को गुमराह कर रहे है. अपने सगे भाई और बहन को घोटालों में फंसने के बाद उनको दूर का रिश्तेदार क्यों बताते हैं ? ईमानदार हैं तो सच से डरते क्यों हैं ? आप सच्चे है तो इन प्रश्नों के जवाब दीजिए.

पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी ने पूछा है कि मुख्य सचिव ने आपके तथाकथित मिट्टी घोटाले के सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया था. अब भी वही मुख्य सचिव है.
– क्या आपको वर्तमान मुख्य सचिव की काबिलियत पर भरोसा नहीं है?
– आपके अधीन विभाग में जब आपको यह पता लगा कि इस मामले में कुछ नहीं है तो आप निगरानी को सौंपने का ढोंग रच रहे है या नहीं? वो सभी अधिकारी जिन्होंने पूर्व में जांच रिपोर्ट सौंपी थी क्या आप उनको डरा-धमका कर गलत रिपोर्ट लिखवाना चाहते है.
– अधिकारी जानते है इसमें किसी विभागीय मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती. क्या आप अपनी घटिया राजनीति के चक्कर में उन्हें फंसाना चाहते है?
– आपके वन एवं पर्यावरण विभाग के पूर्व के कार्यकाल में बिना टेंडर के 175 करोड़ से ज्यादा के जो कार्य हुए, उन पर आपकी जानकारी और सिट्टी-पिट्टी कहां गुम हो जाती है? आप उस वक्त गलत थे या अब है? आप ज्यादा ज्ञानी और खोजी बनते है.
– जरा ये बतायें क्या किसी विभागीय मंत्री का ऐसे मामलों में हस्तक्षेप होता है? क्या आप घपलेबाजी करते है इसलिए आपका घपलों में ज्यादा यकीन है?
– आप अपने सगे भाई और बहन को घोटालों में फंसने के बाद दूर का रिश्तेदार क्यों बताते है? ईमानदार है तो सच से डरते क्यों है? आपके साथ सृजन घोटाले में संलिप्त श्रीमती रेखा मोदी जी आपकी बहन है या नहीं?
– अपने भाई राजकुमार मोदी की काले धन को सफेद करने वाली रियल इस्टेट कंपनी आशियाना होम्स में आपने करोड़ों के फ्लैट खरीदे या नहीं? आपने राजकुमार मोदी के नाम पावर ऑफ अटर्नी की या नहीं?
– क्या यह सच नहीं कि इन सब नौटंकियों की बदौलत आप अपनी हाईकमांड के इशारे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ठेंगा दिखा रहे है? उन्हीं के अफसरों की जांच रिपोर्ट को धत्ता बता रहे है? क्या उस वक्त के जू निदेशक ने पूरी प्रक्रिया को नियमसंगत और पारदर्शी बताया था? हां या नहीं? क्या झूठ, ढोंग, फरेब, अफवाह और जुमलेबाजी के उस्ताद सुशील मोदी खुद को सच्चा और पूरी दुनिया को बुरा मानते है?
– क्या उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी उपलब्धियों को लेकर आपने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की है? और सबसे अंत में तेज़स्वी ने मोदी से यह भी पूछा कि दिन और रात में कुल मिलाकर आप लालू जी का कितने बार नाम जपते हैं?

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *