पहले ही चुनाव करा कर चौंका सकते हैं मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाहचौंकाने के लिए जाने जाते हैं।ऐसे में दिल्ली के सत्ता गलियारे से एक संकेत यह आ रहा है कि विजय रथ के अति आत्मविश्वास पर सवार मोदी2018 खत्म होने से पहले ही लोकसभा चुनाव का ऐलान कर सकते हैं।दरअसल, सरकार और संगठन में बेहद शीर्ष स्तर पर जिस तरह का विमर्श हो रहा है और ग्रासरूट स्तर तक संगठन को चाक-चौबंद बनाने का शाह का जिस तरह अभियान चल रहा है, उससे यही संकेत मिल रहे हैं कि तैयारी वक्त से पहले लोकसभा चुनाव कराने की है।

वैसे तो आम चुनाव जून 2019 में होने चाहिए, लेकिन बीजेपी तब तक इंतजार नहीं करना चाहती है। जून 2019 तक क्या स्थितियां बनती हैं? कैसी चुनौती खड़ी होती है? इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन 2018 तक बीजेपी को कहीं से कोई चुनौती मिलती नहीं दिख रही रही है। लिहाजा पार्टी में शीर्ष स्तर पर कहा जा रहा है कि अगर 10-12 महीने की सत्ता का मोह छोड़ने के बदले पांच साल का 'राज' मिल जाता है तो वह कहीं ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा के साथ ही लोकसभा चुनाव भी चाहती है। इन तीनों राज्यों में विधानसभा के चुनाव नवंबर-दिसंबर 2018 में होने हैं। अगर लोकसभा चुनाव इससे पहले कराने की बात हुई तो फिर ये तीनों राज्य भी वक्त से पहले चुनाव का प्रस्ताव कर सकते हैं, ताकि लोकसभा-विधानसभा दोनों चुनाव का रास्ता साफ हो जाए।

लोकसभा के साथ जब विधानसभाओं के चुनाव होते हैं तो वोटर्स के बीच स्थानीय मुद्दे गौण हो जाते हैं। चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित हो जाता है। ऐसे में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता के खिलाफ नाराजगी का खतरा टल सकता है। लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव ही मोदी के नाम पर लड़ लिए जाएंगे।सूत्रों के मुताबिक, आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर मोदी सरकार जल्द ही आम लोग, खास तौर से गरीबों के लिए लुभावनी योजनाएं लॉन्च करने वाली है। मंत्रालयों को कहा गया है कि वे लोकप्रिय योजनाओं का ड्राफ्ट भेजें, जो सीधे तौर से आम आदमी से जुड़ी हुई हों।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *