मोदी कैबिनेट में नए समीकरण की जुगलबंदी

फेरबदल : चार मंत्रियों को प्रमोशन,9 ने ली राज्यमंत्री की शपथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार रविवार को हो गया। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने नए मंत्रियों का नाम तय करते वक़्त जिन समीकरणों की जुगलबंदी की थी, वो इसमें साफ़- साफ़ दिखे। इस सूची में एनडीए के सहयोगी जेडीयू और शिवसेना को शामिल नहीं किया गया है। खबरों के मुताबिक उन्हें बाद में मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके चलते शिवसेना तो कार्यक्रम में शामिल भी नहीं हुई। अबतक कुल छह मंत्री खुद से इस्तीफा देकर इन लोगों के लिए जगह खाली कर चुके हैं। वहीं मनोहर पर्रिकर और वेंकैया नायडु के इस्तीफे और अनिल दवे के निधन के बाद उनके पद भी खाली हैं। अनिक दवे पर पर्यावरण मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था।

कुल 13 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। कैबिनेट में यूपी-बिहार के 2-2 और केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान से एक-एक नए मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा 4 मंत्रियों को कैबिनेट रैंक में प्रमोशन मिला है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली।

जिन लोगों ने आज मंत्री पद की शपथ ली उनमें से अधिकतर अपने प्रफेशन में निपुणता रखते हैं। इनमें 2 पूर्व आईएएस, 1 पूर्व आईपीएस, 1 पूर्व आईएफएस शामिल हैं। जिस तरह प्रफेशनल्स को टीम में जगह दी गई है उससे साफ लगता है कि अगले डेढ़ साल सरकार के लिए गवर्नेंस और जमीन तक काम पहुंचना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सूत्रों के अनुसार नए मंत्रालयों को अहम मंत्रालयों में रणनीतिक रूप से लाया जा रहा है खासकर लोगों तक सीधे पहुंच बनाने पर पूरा ध्यान है।

केरल के पूर्व आईएएस अल्फोंस का चयन बेहद अहम माना जा रहा है। बीजेपी केरल में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है। कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले फायरब्रांड नेता अनंत कुमार हेगड़े को जगह मिली है। वह उन नेता में शामिल थे, जिन्होंने कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। ईस्ट यूपी से कलराज की जगह राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ल को शामिल किया गया है।

मंत्रिमंडल फेरबदल में बीजेपी के सहयोगी दलों जेडीयू और शिवसेना से किसी को शामिल नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार जेडीयू और शिवसेना का नाम सूची में शामिल नहीं होने का कारण प्रतिनिधित्व का फॉर्म्युला तय नहीं किया जाना है, जिससे सभी सहयोगी दल संतुष्ट हो सकें।

कैबिनेट मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान
पीयूष गोयल
निर्मला सीतारमण
मुख्तार अब्बास नकवी

राज्य मंत्री
शिव प्रताप शुक्ल
अश्विनी कुमार चौबे
डॉ वीरेंद्र कुमार
अनंत कुमार हेगड़े
राजकुमार सिंह
हरदीप सिंह पुरी
गजेंद्र सिंह शेखावत
डॉ सत्यपाल सिंह
अल्फोंज कन्नाथनम

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