MCD चुनाव में हार के बाद AAP में अंदरूनी कलह

-MCD की हार पर कुमार विश्वास ने उठाए अरविंद केजरीवाल पर सवाल

पहले पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव और अब एमसीडी चुनाव में भी हार के बाद आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ गई है. पार्टी को टूट की आशंका भी सता रही है. एमसीडी चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी में इस्तीफों का दौर भी शुरू हो चुका है. पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पाण्डेय, पंजाब प्रभारी संजय सिंह, पंजाब सह-प्रभारी दुर्गेश पाठक अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. इन नेताओं ने पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की बात कही है लेकिन माना जा रहा है कि ये इस्तीफे पार्टी में बगावती सुरों को शांत करने के लिए किए गए हैं.

MCD चुनाव में AAP की हार के बाद पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानों का दौर भी जारी है. अब कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. विश्वास ने कहा कि MCD चुनाव में ईवीएम ने नहीं, बल्कि जनता ने पार्टी को हराया. विश्वास ने साथ ही कहा कि केजरीवाल को सर्जिकल स्ट्राइक पर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला नहीं बोलना चाहिए था.

विश्वास ने कहा, ‘पार्टी में व्यापक बदलाव की कोशिश होनी चाहिए. हम ईवीएम के कारण नहीं हारे हैं. हमें जनता का समर्थन नहीं मिला है. हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ ठीक से संवाद नहीं कर पाए. विश्वास ने पार्टी के फैसले बंद कमरे में लेने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘कई फैसले बंद कमरे में हुए. MCD चुनावों में गलत लोगों को टिकट दिया गया. ‘ईवीएम में गड़बड़ी चुनाव का हिस्सा है. इसके लिए कई प्लैटफॉर्म है. चुनाव आयोग है… कोर्ट है… जहां हम अपनी बात दर्ज करा सकते हैं.’ हमें यह तय करना होगा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हम ईवीएम के लिए करें या फिर भ्रष्टाचार, मोदी या कांग्रेस से लड़ने के लिए.

पंजाब, दिल्ली में AAP की हार हुई है. पार्टी को अब मिल बैठकर फैसला करना होगा. गोपाल राय को दिल्ली AAP का संयोजक बनाने पर विश्वास ने कहा, ‘गोपाल राय सक्षम व्यक्ति हैं. उनको यह पद देने में बहुमत का समर्थन था. ऐसा नहीं था कि इस पद के दावेदार केवल राय ही थे, पार्टी में कुछ और सक्षम व्यक्ति भी थे. लेकिन बहुमत ने उन्हें चुना तो उनके लिए मेरी भी सहमति है. ‘दिल्ली में पार्टी ने जो काम किया है उसे हम लोगों तक पहुंचा नहीं पाए. हमें बैठकर बदलाव करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि AAP की कार्यप्रणाली पर कुछ दिन पूर्व ही विश्वास ने एक विडियो जारी कर मुख्यमंत्री केजरीवाल को नसीहत दी थी.

मामला न बिगड़े, इसके लिए सीएम ने उनके इस संदेश की सराहना की थी और पार्टी के सभी विधायकों को उसे देखने को कहा था. इसके बाद सांसद भगवंत सिंह मान ने भी मुख्यमंत्री के लिए नसीहत जारी कर दी थी और कहा था कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत किया जाना जरूरी है. पार्टी विधायक अलका लांबा ने यह नसीहत दी कि एसमीडी में हार का कारण ईवीएम मशीन नहीं कुछ और है, जिसकी पार्टी को तलाश करनी चाहिए.
गौरतलब है कि कभी अरविंद केजरीवाल के मित्र और सहयोगी रहे आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता मयंक गांधी ने भी उनकी आलोचना की थी. उन्होंने एक खुला पत्र लिखकर केजरीवाल को ‘सत्ता की भूख के कारण पतित’ बताया था. गांधी ने कहा था कि 2015 के विधानसभा चुनावों के बाद केजरीवाल बदल गए हैं. इंडिया अगेंस्ट करप्शन के संस्थापक सदस्य रहे और 2003 से ही केजरावील के साथ काम करने वाले मयंक गांधी ने लिखा, ‘ऐसा तब हुआ जब आपने क्लासिक गलतियां कीं. आपने पूरा क्रेडिट लिया और सोचने लगे कि जैसे देश का समर्थन अरविंद केजरीवाल को ही है. कभी समझौते न करने वाले और निस्वार्थी अरविंद केजरीवाल अब मर चुके हैं.

इस कड़ी में आप की ट्रेड विंग भी शामिल हो गई थी. विंग के संयोजक बृजेश गोयल ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी किया था, जो बताता है कि वह अपने संदेश में परोक्ष रूप से सीएम को नसीहत देते नजर आ रहे हैं. उनका कहना था कि राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, कोई भी दिन अंतिम दिन नहीं होता. गौरतलब है कि हार के बाद सीएम और मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हार के बाद ईवीएम मशीन को दोषी बताया था और आरोप लगाया था कि मशीनें गड़बड़ नहीं होतीं तो आप की जीत जरूर होती. उनके इस बयान को बृजेश ने टारगेट किया है और कहा है कि हारने पर जनता के आदेश को हाथ जोड़कर स्वीकार करना चाहिए और अपनी कमियों को ढूंढना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हार का ठीकरा दूसरों पर नहीं फोड़ना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है.

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