नीच, मोदी और मणिशंकर

पीएम नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस नेता मणिशंकर एक बार फिर आमने-सामने हैं, और हमेशा की तरह इस बार भी मोदी मणिशंकर पर भारी पड़ रहे हैं. वहीं ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपनी पार्टी को नुकसान पहुंचाने के मोर्चे पर लगे हैं. गुरुवार को उन्होंने पीएम मोदी को 'नीच इंसान' बता दिया. इसके बाद पीएम मोदी ने गुजरात में एक जनसभा में इसका जवाब देते हुए कहा, 'आपने हमें नीच कहा, निचली जाति का कहा. ये 18 तारीख़ को नतीजे ही दिखाएंगे कि गुजरात के बेटे को ऐसा कहना कितना भारी पड़ेगा.'

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देकर कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है. इसके पहले वे कई बार ऐसा कर चुके हैं. लोकसभा चुनाव में उन्होंने पीएम मोदी को चायवाला बताया था, जिसका कांग्रेस को काफी नुकसान उठाना पड़ा. पीएम ने जनता से कहा, 'आपने मुझे प्रधानमंत्री के तौर पर देखा है. आपने कभी ऐसा देखा है कि मैंने कभी कोई नीच काम किया है. कांग्रेस के लोगों आप मानसिक संतुलन गंवा चुके हैं. मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता इस देश के ग़रीबों के साथ बैठने में. मुझे गर्व है कि भले ही मैं नीच जाति का हूं, लेकिन उच्च काम करना मेरे संस्कार में है.' मणिशंकर अय्यर के बयान पर बीजेपी हमलावर हो गई है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो दरबार कहता है वही दरबारी कहते हैं. यह उनका सामंती अहंकार है कि गांधी परिवार ही शासन चला सकता है.

गुजरात में पीएम मोदी ने कहा, 'मैं सभी लोगों से विनती करता हूं कि जिसने मेरे लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, देश के प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किया है, मैं तो ये ही कहूंगा कि कोई इनके ख़िलाफ़ कोई एक शब्द ना बोलें. लेकिन अगर आप के दिल में ऐसी मानसिकता के लिये ग़ुस्सा हो तो 9 और 14 तारीख़ को मतदान करना, कमल के निशान पर बटन दबाकर उच्च काम करना. मुझे भले ही नीच जाति का कहे, भले ही अपशब्द बोले, लेकिन कोई दूसरे को कुछ बोलेगा नहीं. लोकशाही में ऐसे लोगों को सबक़ सिखाने का एक ही रास्ता है कमल का निशान दबाने का. मुझे मौत का सौदागर कहा गया, जेल में डालने कि कोशिश गई.

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