ये कौन सी पॉलिटिक्स कर रहे वीसी

-मोतिहारी से राकेश और ज्ञानेश्वर की रिपोर्ट

कुलपति अरविन्द कुमार अग्रवाल की हठधर्मिता की वज़ह से महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी जैसे राजनीति का रणक्षेत्र बन गया है. दो शिक्षकों के टर्मिनेशन के चलते पूरा विश्वविद्यालय कैंपस पिछले कई दिनों से अशांत है. अब तो कई अन्य शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी भी कुलपति के खिलाफ हो गए हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगा रहे है. नतीजा यह हुआ है कि इस वजह से 8 और 15 अक्टूबर को होनेवाली परीक्षा रद्द कर दी गयी हैं. जिस तरह छात्र उत्तेजित नज़र आ रहे हैं, उससे लगता है कि कभी भी एक बीमार मानसिकता वाले वीसी की बिहार विरोधी राजनीति कोई गलत शक्ल ले सकती है.

कुलपति की तरफ से हालाँकि कहा गया है कि उनपर बिहार विरोधी होने के आरोप गलत हैं. लेकिन प्राध्यापकों का एक गुट सरेआम आरोप लगा रहा है कि कुलपति नैतिकता की सारी सीमायें तोड़ चुके हैं. विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है. गन्दी राजनीति का अखाड़ा बन गया है कैंपस. उबल रहे छात्रों और आन्दोलनकारी शिक्षकों की स्थिति देखकर लग रहा है जैसे यह कैंपस भी बीएचयू की राह पर चल पडा है. बिहार में ही बने इस विश्वविद्यालय से लगातार बिहारी शिक्षकों को निकाला जा रहा है. तस्वीर बेहद भयावह है. गांधी सत्याग्रह की इस धरती पर उनके नाम पर बने इस विश्वविद्यालय में जो हो रहा है, वह बेहद दुखद है.

यह पूरा मामला जूलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अमित रंजन और बायोटेक के डॉ शशिकांत रे को गलत तरीके से टर्मिनेट करने को लेकर है. बिना किसी मजबूत कारण के वीसी ने इन्हें यह कहते हुए ठीक दुर्गापूजा के पहले टर्मिनेशन लैटर थमा दिया कि उन्हें एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जायेगा. ऐसा तो किसी निजी कंपनी में भी नहीं होता. टर्मिनेशन से पहले किसी आरोप की जांच के लिए कमिटी बनाई जाती है, आरोपी को कमिटी के सामने अपना पक्ष रखना होता है. फिर शासी निकाय किसी भी आरोप पर बिन्दुवार सभी सम्बंधित पक्षों को सुनकर फैसला सुनाती है. लगता है यहां वीसी ने अपने अहंकार में सभी मापदंड तोड़ दिये. अब मामला बिगड़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन गलत तर्क और नियमों की असंगत व्याख्या कर रहा है.

छात्र राजद और कई छात्र संगठन इस सवाल पर आर-पार के मूड में हैं. छात्र राजद अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव के नेतृत्व में वीसी का पुतला दहन हो चुका है. अवनीश ने बताया कि वीसी के भ्रष्टाचार की जाँच हो तभी सच सबके सामने आयेगा.

कैंपस के एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत से ही वीसी ने बहाली में भारी गड़बड़ी की है, वो यहां राजस्थान और पहाड़ी लॉबी बनाना चाह रहे हैं. ऐसी ही एक गड़बड़ी की वज़ह से केन्द्रीय विश्विद्यालय झारखंड में सीबीआई जांच चल रही है, तथा वहां के पहले वीसी, रजिस्ट्रार और कुछ और अधिकारीयों को एचआरडी ने हटाया.

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