लोकमंथन कार्यक्रम : लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा- करें नारी का सम्मान

झारखंड सरकार के सहयोग से प्रज्ञा प्रवाह की ओर से आयोजित चार दिवसीय लोकमंथन 2018 के समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शिरकत की। इस मौके पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकमंथन कुंभ जैसा है। युवा को नेशन फस्ट की सोच रखनी चाहिए, विचार अलग- अलग हो सकते हैं। देश के लिए अच्छा डिसिजन होना चाहिए। देश के लिए देश हित में निर्णय होनी चाहिए। हमारी अस्मिता का भाव एक है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहने से नहीं उसके भाव को जानना होगा। उन्होंने नारी की सम्मान करने की बात कही।

वहीं, इस मौके मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा, हमारी संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने वाली संस्कृति है। हम धरती को मां कहते हैं। धरती के साथ मां और बेटे का संबंध सिर्फ भारत में ही है, इसलिए लोकमंथन को पूरे विश्व में भारत की संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम को विस्तार देने की जरूरत है। आज समाज को तोड़ने वाली शक्तियां पूर्व काल से ज्यादा सक्रिय हैं। उन्हें परास्त कर हमें समाज को परम वैभव तक ले जाना है। हमारे भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को बहला फुसलाकर यहां बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हुआ है, लेकिन हमने झारखण्ड में कानून बना दिया है। अब किसी ने जबरन या लालच देकर धर्मांतरण कराया, तो वो कानूनन जुर्म होगा। झारखंड में अब जबरन धर्मांतरण पर एक लाख रुपये का जुर्माना और चार साल की सजा का प्रावधान है।

वहीं, पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने आदिवासी संस्कृति के बारे में बताया। उनतक भी विकास की किरण पहुंचे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की अतिथि के रूप में पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा विभाग के मंत्री अमर कुमार बाउरी भी मौजूद थे।

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