बेटे को संभालने में परेशान हैं लालू यादव

तेज प्रताप यादव रोज ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे लालू प्रसाद और राजद की परेशानी बढ़ रही है। ऐसे बयानों से तेज प्रताप भले ही युवा कैडरों को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हो, लेकिन राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि ऐसे बिगड़े बोलों से लगातार राजद की फजीहत हो रही है। लालू प्रसाद लगातार अपने बेटे के बचाव में मीडिया के सामने आ रहे हैं।

कुछ दिन पहले तेज प्रताप यादव ने उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को घर में घुसकर मारने की बात की थी, उसकी निंदा हुई, एक बार फिर उन्होंने प्रधानमंत्री पर ऐसे विवादित बोल बोल दिए हैं।

लालू प्रसाद की सुरक्षा में कटौती किए जाने पर बिफरे तेज प्रताप ने कह दिया कि अगर लालू प्रसाद को कुछ हुआ तो वह प्रधानमंत्री की चमड़ी उधेड़ देंगे। लोकतंत्र में विरोध एक अलग बात है और सियासी विरोध की भाषा का संयमित होना एक अलग बात।

वरिष्ठ भाजपा नेता उपेंद्र चौहान कहते हैं कि तेज प्रताप जिस राजनीति परवरिश में बढ़े हैं, उनसे ऐसे ही भाषा की उम्मीद है लालू प्रसाद ने जो सिखाया है वही तो वह बोल रहे हैं। जिंदगी भर लालू प्रसाद ऐसे ही सियासी खेल खेलते रहे। कई अन्य नेताओं ने भी प्रताप के बयान पर गहरी आपत्ति जताई है।

सवाल यह उठता है तेजप्रताप ऐसा क्यों बोलते हैं! क्या बार-बार उनकी जुबान फिसल जाती है या वह जानबूझकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। लोकतंत्र में अमर्यादित टिप्पणी के लिए कोई स्थान नहीं रहा है। राजनीति से जुड़े लोगों को भी ऐसी भाषा से बचने की कोशिश करनी चाहिए, जिससे समाज पर बुरा असर पड़ता है। प्रधानमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी कर तेज प्रताप परेशानी में पड़ सकते हैं।

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