जानिए, कौन है वो जिससे एक ही सीट पर तीन बार हारी सुषमा स्वराज, फिर कभी नहीं वहां से लड़ी चुनाव

बीजेपी की कद्दावर नेता और अंबाला की बेटी सुषमा स्वराज का हरियाणा में राजनीतिक अनुभव अच्छा नहीं रहा है।  हरियाणा से उन्होंने तीन बार लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन एक बार भी जीत नहीं सकी। दो बार उनका मुकाबला बेहद करीबी रहा। एक बार वह बड़े अंतर से पराजित हुईं।

सुषमा स्वराज तीनों चुनाव करनाल से लड़ी थी। सुषमा स्वराज पहली बार 1980 में करनाल से चुनाव लड़ी थी। मुकाबला कांग्रेस के चिरंजी लाल शर्मा से था। सुषमा मात्र 1,29, 458 वोट ही ले पाईं, उन्होंने जनता पार्टी के चुनाव चिह्न पर मैदान में थी। चिरंजी लाल को 1,51, 786 वोट मिले थे। 1984 में दूसरा चुनाव बीजेपी से करनाल सीट पर ही लड़ा, चिरंजी लाल फिर उनके सामने थे। इस चुनाव में सुषमा तीसरे नंबर पर पिछड़ गईं। उन्हें मात्र 77,870 वोट मिले। दूसरे स्थान पर आईसीजे के देवी सिंह रहे, जिन्होंने 148,111 वोट हासिल किए थे। चिरंजी लाल को जीत मिली, उन्होंने 2,47,063 वोट हासिल किए थे।

1989 में सुषमा ने एक बार फिर करनाल से मैदान में थी, मगर इस बार भी भाग्य ने साथ नहीं दिया। उन्हें करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। चिरंजी लाल लगातार तीसरी बार जीते और सुषमा निरंतर तीसरी बार हारीं। सुषमा को 2,65,792 वोट हासिल हुए थे, जबकि चिरंजी लाल शर्मा को 2,74,465 वोट मिले थे। इसके बाद सुषमा ने कभी हरियाणा से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।

सुषमा स्वराज 2014 लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद बनी उसके बाद मोदी मंत्रिमंडल में उन्हें विदेशमंत्री बनाया गया। 2019 लोकसभा चुनाव में वे चुनाव नहीं लड़ रही है। स्वास्थ ठीक नहीं होने के कारण वे 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही है।

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