विश्वास पर नहीं है केजरीवाल का विश्वास

दिल्ली से राज्य सभा की तीन सीटों को भरने के लिए 29 दिसंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है मगर दिल्ली विधान सभा में बहुमत वाली आम आदमी पार्टी को योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है। यह तय है कि पार्टी जिसे चुनाव में खड़ा करेगी उसका संसद पहुंचना लगभग तय है। इस बीच, पार्टी नेता कुमार विश्वास के समर्थक उन्हें उम्मीदवार बनाने के लिए हंगामा और विरोध-प्रदर्शन करते नजर आए। विश्वास के समर्थकों ने शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में चार घंटे तक हंगामा किया। सूत्र बताते हैं कि पार्टी कुमार विश्वास पर पार्टी विश्वास नहीं है। लिहाजा, बाहरी उम्मीदवारों की ओर टकटकी लगाए बैठी है।

जानकारों की मानें तो आम आदमी पार्टी चाहती है कि संसद के ऊपरी सदन में कुछ पेशेवर लोगों को भेजा जाय या फिर ऐसे राजनीतिक चेहरे को भेजा जाय जो पीएम नरेंद्र मोदी के मुखर विरोधी रहे हैं। इसी क्रम में आप ने पहले पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को ऑफर दिया लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद चर्चा है कि आप ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टी एस ठाकुर से भी संपर्क किया लेकिन उन्होंने भी इनकार कर दिया।

बताया जाता है कि आप ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी से भी संपर्क किया लेकिन इन लोगों ने भी इनकार कर दिया। आप संयोजक द्वारा इंफोसिस के संस्थापक एम नारायणमूर्ति, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उद्योगपति सुनील मुंजाल से भी संपर्क करने की चर्चा है मगर सभी ने मना कर दिया। माना जाता है कि आप की अंदरूनी कलह, केंद्र और एलजी से होने वाले टकराव और पार्टी की गिरती साख की वजह से इन लोगों ने केजरीवाल का ऑफर ठुकरा दिया। सूत्रों के मुताबिक अगले हफ्ते पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा करने के बाद एलान करेगी।

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