केजरीवाल ने अब गडकरी से मांगी माफी !

देर से ही लेकिन दिल्ली के सीएम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शायद अब अपने बयानों के जरिए होने वाले राजनीतिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। उन्हें अब ये महसूस होने लगा है कि सियासी लड़ाई में निजी हमलों की गुंजाईश नहीं है। इसलिए धीरे-धीरे ही सही पर अब वो अपने बयानों के लिए माफी मांगने में हिचकिचा नहीं रहे हैं और ये सिलसिला जारी है। हालांकि इसकी वजह से उनके साथियों ने उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है पर वे इसकी अनदेखी कर अपने फैसले पर अडिग दिखाई दे रहे हैं। अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया के बाद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगते हुए कोर्ट केस खत्म करने की गुजारिश की है।

आम आदमी पार्टी के प्रमुख की जिम्मेदारी भी निभा रहे केजरीवाल ने नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर उनके खिलाफ लगाए गए असत्यापित आरोपों के लिए खेद व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, 'मेरी आपसे कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है। मैं इसके लिए खेद जताता हूं। इस मामले को पीछे छोड़ते हुए कोर्ट केस को खत्म करें।' केजरीवाल ने नितिन गडकरी पर भी भ्रष्ट्राचार का आरोप लगाया था और मानहानि के केस का सामना कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से भी माफी मांगी है।

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने ऊपर चल रहे मानहानि के मुकदमों को खत्म करने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए केजरीवाल सभी संबंधित नेताओं से बारी-बारी से बात करेंगे। उन्होंने मानहानि के एक मामले में अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से लिखित में माफी भी मांग ली है। माना जा रहा है कि अब अरविंद केजरीवाल जल्द ही वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी बात करेंगे। केजरीवाल के माफी मांगने के बाद अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, "व्यक्तिगत रूप से यह मेरे लिए ऐतिहासिक पल है। अपने बयान के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री को माफी मांगनी पड़ी।”

ध्यान रहे कि वित्त मंत्री अरुण जेटली, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश समेत कई नेताओं ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। जानकारी के मुताबिक सीएम को इन मानहानि के मामलों को लेकर प्रतिदिन घंटों बरबाद करना पड़ रहा है कहा जा रहा है कि इसके कारण उनके कामकाज पर काफी असर पड़ रहा है।

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