जोकीहाट उपचुनाव ने बढ़ाई नीतीश,तेजस्वी की बेचैनी !

जोकीहाट विधानसभा सीट के लिए सोमवार को उपचुनाव खत्म हो गया है। इसके साथ ही सत्तापक्ष और विपक्ष यह दावे करने में जुट गया है कि इस सीट पर उनका कब्जा तय है। सियासी हलकों में इस सीट को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है कहा जा रहा है कि इसका रिजल्ट बिहार की सियासत के लिए दिलचस्प होने वाला है। अगर सत्तापक्ष की पकड़ से यह सीट निकल गया तो राजद नेता तेजस्वी का कद और भी बड़ा हो जाएगा और आनेवाले दिनों में नीतीश की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। उधर, विपक्षी दलों की खेमेबंदी को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने भी दांव पेंच शुरू कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि नोटबंदी के खिलाफ उनके दिए गए बयान से सहयोगी दल बीजेपी में बेचैनी है। इसको ध्यान में रखते हुए ही आगामी 6 जून को एनडीए की बैठक बुलाई गई है जिसमें आगामी चुनावों को देखते हुए और विपक्ष के रुख कौ तौलते हुए रणनीति बनाई जाएगी।

बता दें कि जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र चुनाव में कुल नौ प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला महागठबंधन के उम्मीदवार राजद के शाहनवाज और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जदयू के मुर्शीद आलम के बीच माना जा रहा है। हालांकि, जदयू के विधायक सरफराज आलम विधानसभा और पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राजद के टिकट पर अररिया से सांसद चुने गए। इसकी कारण जोकीहाट विधानसभा सीट खाली हुई थी। सरफराज के पिता मो़ तस्लीमुद्दीन राजद के सांसद थे, जिनका निधन पिछले साल सितंबर में हो गया था। पिता के निधन के बाद अररिया संसदीय सीट खाली हुई थी।

जोकीहाट विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजर उसके नतीजे पर जा टिकें हैं। माना जा रहा है कि इस चुनाव के लिए आरजेडी और जेडीयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। बता दें कि चुनाव का फैसला 31 मई को आने वाला है।

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