मसानजोर डैम पर विवाद नहीं, पुनर्वास चाहता है JMM

मसानजोर डैम के स्वामित्व को लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सूबे की मंत्री लुईस मरांडी के बयान के बाद इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया। इसके बाद हर रोज इस मुद्दे पर सभी दलों के नेताओं के बयान आ रहे हैं।
हालांकि, इसको लेकर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच भी वर्तमान में मसानजोर डैम से जुड़े विवाद को कैसे सुलझाया जाए इसको लेकर भी बातचीत हो रही है। लेकिन, सियासतदानों के बयान ने डैम को एकदम से सुर्खियों में ला दिया है। सत्तापक्ष जहां इस डैम को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री को घेरने का बहाना ढूंढ रहा है वहीं विपक्ष इसे वार्ता के जरिए सुलझाने की बात कह रहा है।
जानकारों का मानना है कि दोनों सरकारों के बीच फिलहाल आयी तल्खी के पीछे ममता बनर्जी का बीजेपी के खिलाफ लगातार की जा रही बयानबाजी है। इसके साथ ही जिस प्रकार पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में बीजेपी के जीते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ मारपीट की जा रही है यह भी एक कारण है। बता दें कि सैकड़ों की संख्या में ऐसे बीजेपी कार्यकर्ता झारखंड में शरण लिए हुए हैं।
बहरहाल इन सब के बीच नेता प्रतिपक्ष और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि बीजेपी इस मुद्दे को जानबूझकर राजनीतिक रंग दे रही है ताकि वह इसका सियासी फायदा उठा सके। उनका कहना है कि डैम के कारण विस्थापित लोगों की चिंता बीजेपी को नहीं है जबकि झामुमो ने झारखंड विधानसभा में इस मुद्दे को कई बार उठाया है।
हेमंत ने कहा, मैं झारखंड का मुख्यमंत्री था तब मसानजोर डैम के विस्थापित परिवारों के लिए कई योजनाओं का कार्यान्वयन किया। आज जरूरत इस बात की है कि विस्थापितों का पुनर्वास किया जाय न की राजनीति।

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