डोर-टू-डोर कैंपेन पर फोकस कर रहा JMM

नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी दल मैदान में कूद गए हैं। अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के दावे कर रहे हैं। इसको लेकर रणनीति बनाई जा रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपने इलाके में प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी झामुमो ने भी इसके लिए अपनी रणनीति पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। निकाय चुनाव में पार्टी का फोकस उन सीटों पर ज्यादा है जिस पर आसानी से कब्जा किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि पार्टी ने इसे ही ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों को टिकट बांटे हैं। प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार में पार्टी के विधायकों, सांसदों और बड़े नेताओं का सहयोग मिलेगा। लेकिन पार्टी के बड़े नेता हेमंत सोरेन और शिबू सोरेन निकाय चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार पार्टी की कोर टीम मैदान में न उतरकर प्रत्याशियों को जिताने के लिए रणनीति बनाएगी और उसे बूथ स्तर पर उतारने का काम और लोग करेंगे। निकाय चुनाव का पूरा दारोमदार दूसरी कतार के नेताओं के कंधों पर आ गया है। चुनाव के बाद इन नेताओं से परिणामों के बारे में भी पूछा जाएगा।

बहरहाल, ऐसे नेताओं का कद बढ़ना तय है जो अपने-अपने इलाके में प्रत्याशियों को जिताने में अहम रोल निभाएंगे। पार्टी प्रवक्ता की मानें तो निकाय चुनाव में झामुमो को कई सीटों पर कामयाबी मिलेगी। लेकिन इसके लिए सबसे ज्यादा उन स्थानों पर फोकस किया जा रहा है जहां जीत की बेहतर उम्मीद बन रही है। पार्टी ने डोर-टू-डोर कैंपेन के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने की स्ट्रैटजी बनाई है। निकाय चुनाव में इस पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। वहीं प्रत्याशियों को भी कहा जा रहा है कि वे ज्यादा से ज्यादा जनसंपर्क कर लोगों को अपने पक्ष करें। सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के समक्ष रखें।

झामुमो की नजर ऐसी सीटों पर जहां आमने-सामने की टक्कर हो रही है। पार्टी ने इसी रणनीति के तहत दुमका नगर परिषद चुनाव में एक निर्दलीय को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। इसी प्रकार सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय को पार्टी समर्थन देगी।

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