झारखंड मुक्ति मोर्चा राष्ट्रपति दरबार में

रघुवर सरकार के खिलाफ झामुमो महामहिम के दरबार में पहुंचा है। धर्मान्तरण विधेयक के खिलाफ झामुमो ने अपना स्टैंड पहले ही तय कर रखा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो वीर शिबू सोरेन जी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के 25 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति से मिलकर झारखंड राज्य सरकार द्वारा पारित “भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार (झारखण्ड संशोधन) विधेयक, 2017” और “झारखण्ड धर्म स्वतंत्र विधेयक, 2017” के विरोध में ज्ञापन सौंपा।

झामुमो की आपत्ति यह है सीएनटी और एसपीटी के संशोधन के बहाने राज्य सरकार अभी भी आदिवासी जमीन हड़पने की तैयारी में है। ऐसे ही धर्मान्तरण विधेयक के जरिये अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश हो रही है। झामुमो का आग्रह रहा कि राष्ट्रपति इसे मंजूरी न दें। पूर्व राष्ट्रपति ने सीएनटी और एसपीटी विधेयक को पहले लौटा दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने इसे रोल बैक कर लिया।

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन, राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा सहित पार्टी के सांसद, विधायक एवं अन्य नेताओं ने कहा कि रघुवर दास हठधर्मिता पर उतारू हैं, जिसका झामुमो हमेशा विरोध करती रहेगी।

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