क्या जातीय टकराव की ओर बढ़ रहा झारखंड!

-एसटी दर्जे की मांग पर आर-पार के मूड में कुरमी-तेली और आदिवासी

सूबे में आरक्षण की सियासत गरमाती जा रही है, जहां एक ओर कुरमी, तेली को एसटी दर्जा देने को लेकर मांग तेज होती जा रही है वहीं दूसरी ओर आदिवासी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इन सब के बीच राज्य की राजनीतिक पार्टियां भी इनके साथ मैदान में कूद गई हैं। एसटी में शामिल करने का मुद्दा अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। आजसू, झामुमो जैसी पार्टियां खुलकर सामने आ गई हैं। इससे इन जातीय समूहों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। हालांकि सत्ताधारी बीजेपी की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। लेकिन अगर आरक्षण की मांग जोर पकड़ने लगी तो जाहिर है कि बीजेपी भी इसमें अपने नफा-नुकसान देखते हुए मैदान में कूदेगी।

जानकारों की मानें तो आगामी लोकसभा, विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुरमी-तेली को एसटी दर्जा दिए जाने की मांग राज्य के सियासत में बड़ा रोल निभा सकती है, क्योंकि जहां एक ओर इसके लिए कुरमी- तेली जैसी जातियां हैं वहीं दूसरी ओर आदिवासियों का विरोध है। समीकरण के हिसाब से राज्य में इनकी स्थिति मजबूत है। वहीं इन जातीय समूहों से कई कद्दावर नेता सूबे की राजनीति में अपना मजबूत दखल रखते हैं। ऐसी स्थिति में अगर इनके बीच टकराव जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका असर चुनाव पर भी होगा।

बता दें कि कुरमी और तेली को एसटी का दर्जा देने की अनुशंसा के खिलाफ 26 अप्रैल को मोरहाबादी में '32 आदिवासी जाति रक्षा समन्वय समिति' की महारैली होगी। कहा जा रहा है कि महारैली को 50 आदिवासी संगठनों ने समर्थन दिया है़। पूर्व मंत्री देवकुमार धान का कहना है कि कुरमी व तेली को एसटी का दर्जा मिल गया, तो उनके द्वारा 32 जनजातियों की जमीन छीन ली जाएगी। शिक्षा व नौकरियों में उनका आरक्षण हड़प लिया जायेगा़।

वहीं दूसरी ओर कुरमी विकास मोर्चा 23 अप्रैल को इस मामले को लेकर झारखंड बंद करने की बात कह रहा है। मोर्चा नेता ओहदार का कहना है कि बंदी में लाखों की संख्या में महिला एवं पुरुष ढोल, नगाड़ा और पारंपरिक हथियार के साथ सड़क पर उतर कर अपनी ताकत का एहसास करायेंगे। उनका कहना है कि सरकार कुरमी को एसटी का दर्जा ना देकर इस समाज को तोड़ने का काम कर रही है। अगर सरकार इस मांग को लेकर गंभीर है तो वह कैबिनेट से इस मामले को स्वीकृत करके केंद्र सरकार को भेज सकती है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *