फिर विवाद में फंसे झारखंड के मंत्री सीपी सिंह

झारखंड के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है. अपने भांजे की वजह से इस बार वह विवाद में आए हैं. उनके भांजे अजीत सिंह पर एक छात्रा के अपहरण और ब्लैकमेलिंग का आरोप है. छात्रा का आरोप है कि मंत्री सीपी सिंह के नाम पर उन्हें और उनके परिजनों को धमकाया गया और फिरौती वसूली गई. हालांकि सीपी सिंह ने सफाई दी कि उनका भांजे के घर आना जाना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा.

इससे पहले भी आवास बोर्ड की एक जमीन लेने के आरोप में वह विवादों में घिर चुके हैं. उन पर आरोप लगा था कि अपना घर रहते हुए भी उन्होंने रांची में गैरकानूनी तरीके से आवास बोर्ड से प्लॉट आवंटित करवाया. आवास बोर्ड के तत्कालीन MD दिलीप झा ने इस मामले को पकड़ा था और बाद में सीपी सिंह का आवंटन रद्द हुआ था. उस मामले में भी नगर विकास मंत्री की काफी किरकिरी हुई थी. आवास बोर्ड उनके विभाग में ही आता है, ऐसे में पद के दुरुपयोग का आरोप भी उन पर लगा था. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री पर तब कई गंभीर आरोप लगाए थे.

रविवार को एक अखबार के कार्यक्रम में सीपी सिंह कांग्रेसी नेता प्रदीप तुल्स्यान से भिड़ गए. दोनों के बीच अपशब्दों के तीर भी चले. विवाद इतना बढ़ गया कि आयोजकों को कांग्रेसी नेता को कार्यक्रम से बाहर निकालना पड़ा.

तो सीपी सिंह लगातार विवादों में क्यों गिर जाते हैं! इस पर एक भाजपा नेता ने कहा कि मंत्री जी परेशान हैं. सरकार और पार्टी में उनकी चल नहीं रही. रांची के स्थानीय विधायक हैं, निगम के सवाल उनके विभाग में आते हैं, और निगम के अधिकारी उनकी सुनते नहीं. इस वजह से उनकी किरकिरी हो रही है. पार्टी भी शायद अगली बार उन्हें टिकट ना दे. जिस तरह संजय सेठ का प्रभाव संगठन और सरकार में बढ़ा है, माना जाने लगा है कि अगली बार रांची से संजय सेठ पार्टी उम्मीदवार हो सकते हैं. कहीं इसी वजह से तो मंत्री गुस्से में नहीं है.

जाम के सवाल पर जब मुख्यमंत्री ने कई जगह ट्रैफिक की वजह से रोड ब्लॉक कराया तो सीपी ने उनका विरोध किया था, हालांकि मुख्यमंत्री ने सीपी सिंह के विरोध की परवाह नहीं की. इससे सीपी सिंह लिंग की कमजोरी सार्वजनिक हो गई.

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