महादलितों के हक की लड़ाई लड़ने का ढोंग न करें तेजस्वीः जदयू

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बयान पर जदयू ने पलटवार करते हूए कहा कि तेजस्वी यादव ढोंग कर रहे हैं। महादलितों के हक की लड़ाई लड़ने का ढोंग अब तेजस्वी यादव को नहीं करना चाहिए। प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि जब महादलित को कुछ सम्मान और हक देने की बारी आती है तो आप सभी को पहले अपना स्वार्थ नजर आता है।

सवाल करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्वाचन का वक्त आया, तो आपकी पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया। उस वक्त भी नीतीश कुमार ने उनका समर्थन किया। आज यदि एक दलित देश के सबसे सर्वश्रेष्ठ पद पर विराजमान है। तो उसमें नीतीश कुमार का भी सहयोग है। वही जब बिहार का सीएम बनाने की बारी आई थी। तो जीतनराम मांझी को सीएम, नीतीश कुमार ने बनाया। ये नीतीश कुमार का सोच है कि उन्होंने महादलित, दलित, पिछड़ा को सम्मान और हक दिया।

उन्होंने तेजस्वी यादव से पूछा कि जरा यह भी बताईये कि आपने मायावती को राज्यसभा के ऑफऱ दिए जाने का ख़ुलासा तो कर दिया। अब ज़रा यह ख़ुलासा कर दीजिए कि मायावती जी को बिहार से राज्यसभा भेजे जाने के लिए आपने उनके सामने शर्त क्या रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि आपके परिवार ने अगर किसी का पॉलिटिकल एडजस्टमेंट किया है। तो उसके बदले कुछ न कुछ लिया जरूर है। गिफ़्ट में संपत्ति से लेकर ब्रीफ़केस तक के बूते ही आपके परिवार ने कइयों को संसद और विधानसभा भेजा है। पिछड़ा और दलित राग अलाप कर आप एक बार फिर से सत्ता का सुख भोगना चाहते हैं। जिनके वोट पर राज करते रहे उन्हें ही हाशिये पर रखा। उन्होंने कहा कि आखिर लालू परिवार में ऐसा कौन सा टैलेंट था कि वो कॉरपोरेट बन गया, और आपको वोट देने वाले ग़रीब ही रह गए।

राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में आपके उम्मीदवारों का चयन बता देगा कि आपके परिवार की ज़रूरतों को किसने पूरा किया। चिराग़ पासवान जैसे युवा सांसद को जनता ने चुना है। 35 साल के चिराग़ पासवान पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं और 28 साल में आप अकूत संपत्ति के मालिक हैं।

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