केंद्र की नीति से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई: उदय नारायण

मोदी सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष लगातार हमला कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश की अर्थव्यवस्था बेपटरी हो गई है। बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और लोकतांत्रिक जनता दल के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से वित्तीय अर्थव्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। गरीब जनता का विश्वास बैंकों से समाप्त हो रहा है। गरीब जनता ने जो बैंक में पैसा जमा किए हैं। वह मिल नहीं रहा है। एटीएम में पैसा नहीं है। एटीएम बंद पड़ा है और सरकार अपना पीठ थपथपाने में लगी है। नोटबंदी से कई छोटे-छोटे उद्योग बंद हो गए। जो शहरी इलाकों में काम करने वाले मजदूर थे। वे वापस घर आ गए। नोटबंदी में दर्जनों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

बीजेपी अभी तक नहीं बता पा रही है कि कितना काला धन वापस आया। चारों तरफ ढिंढोरा पीट रही है कि 4 साल में हम ने अच्छा काम किया। दलित आदिवासियों की छात्रवृत्ति बंद हो गई। आज तक अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम का जो कोर्ट का फैसला था, उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रमोशन में आरक्षण समाप्त कर दिया। अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश की जा रही है। औरंगाबाद, नवादा में अल्पसंख्यकों के दुकानों को जलाया गया। फर्जी तरीके से उन्हें मुकदमे में फंसाया गया। इस सरकार में लगातार पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ रहा है। महंगाई दिनों-दिन बढ़ रही है क्या यही अच्छे दिन लाने का वादा किया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य के दर्जा पर पासवान ने तीन बार अलग-अलग बयान दिया। कभी वह कहते हैं कि विशेष राज्य का दर्जा नहीं विशेष पैकेज मिलेगा। अब बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की मांग कर रहे हैं। यह लोग अपने स्वार्थ की राजनीति करते हैं। देश की जनता को आंखों में धूल झोंकने का काम करते हैं।

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