स्वतंत्र न्यायिक सेवा आयोग का गठन जरूरीः राजद

राजद विधायक डॉ. रामानुज प्रसाद ने केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा कॉलेजियम प्रणाली में केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केन्द्रीय कानून मंत्री को रखे जाने की मांग पर केंद्र को आड़े- हाथों लेते हुए कहा है कि जजों की नियुक्ति में सरकार और आरएसएस के लोग अपनी अंगुली पर नचाना चाहते हैं। देश के 250 से 300 परिवार जो न्यायपालिका पर कुंडली मारे बैठे हुए हैं। वे अपना वर्चस्व बनाये रखना चाहते हैं। इन दोनों की लड़ाई में देश का लोकतांत्रिक तानाबाना कमजोर हो रहा है।

आमलोगों की आस्था न्यायपालिका पर से उठती जा रही है। इस तरह देखा जाय तो अब स्वतंत्र न्यायिक सेवा आयोग का गठन जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार सभी संवैधानिक संस्थाओं पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहती है।

राजद नेता ने ये आशंका जताते हुए कहा कि अगर न्यायपालिका पर बीजेपी कब्जा कर लेती है। तो लोकतंत्र पर परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से खतरा उत्पन्न हो जायेगा। पिछले दिनों न्यायपालिका में जो विवाद उभर कर आमलोगों के सामने आए हैं।

चाहे वह सुप्रीम कोर्ट के चार वरीय न्यायाधीशों के द्वारा संवाददाता सम्मेलन करना, जस्टिस लोया की मौत का मामला, या जस्टिस कर्नन का मामला हो, इससे लगता है कि नियुक्ति की प्रक्रिया में कहीं न कहीं गड़बड़ी है, उसमें सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजद इसके लिए व्यापक तौर पर ज्यूडिशियल सर्विस कमीशन के गठन की मांग करता है। जिससे सामाज के हर वर्ग के विद्धान लोग जज बनकर न्याय प्रदान कर सकें।

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