किसानों के लिये स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा हितकारी विधेयक : प्रदीप वर्मा

 लोकसभा और राज्यसभ में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयकों का पारित किये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि यह विधेयक देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। 

कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य विधेयक और कृषि कीमत आश्वासन और कृषि सेवा कर करार विधेयक सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेगा। इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा। इससे हमारे कृषि क्षेत्र को जहां आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, वहीं अन्नदाता सशक्त होंगे। 

     किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी शक्तियां लगी हुई हैं। मैं अपने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि MSP और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं। स्वामी नाथन कमेटी की सिफारिशों को आधार बनाकर यह विधेयक लाया गया है।

उन्होंने देश के अन्नदाताओं के हित में उठाये गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि इन महत्वपूर्ण कृषि विधेयकों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और ट्रांजैक्शन प्लेटफार्म का मार्ग प्रशस्त होगा, जो एक व्यापार क्षेत्र में राज्य के अंदर या दूसरे राज्यों के साथ व्यापार में किसानों के लिए पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने में सहायक होगा।  किसान बेहतर मूल्य पर अपने कृषि उत्पाद को अपनी पसंद के स्थान पर बेच सकता है। जिससे संभावित खरीदारों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। किसान अपनी फसल का सौदा सिर्फ अपने ही नहीं बल्कि दूसरे राज्य के लाइसेंसी व्यापारियों के साथ भी कर सकते हैं। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा होगी और किसानों को अपनी मेहनत के अच्छे दाम भी मिलेंगे। इस विधेयक से देशभर में किसानों को उपज बेचने के लिए

‘वन नेशन वन मार्केट की अवधारणा को बढ़ावा मिलेगा।

           कृषि बिल से MSP प्रभावित नहीं होगा, MSP प्रणाली जारी रहेगी। खरीदार अच्छी फसल उपज के लिए आवश्यक साधन के लिए जिम्मेदार होगा। कृषि मशीनरी और उपकरणों की व्यवस्था खरीदार द्वारा की जाएगी। खरीदार किसान को तकनीकी सलाह देगा और फसल जोखिम के लिए जिम्मेदारी लेगा। फसल उत्पादन के दौरान फसल पर किसान का मालिकाना हक बना रहेगा एवं फसल का बीमा कराया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर किसान वित्तीय संस्थानों से ऋण भी ले सकेंगे।

प्रेसवार्ता में प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू एवम प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक उपस्थित थे।

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