‘NRC प्रक्रिया में प. बंगाल सबसे बड़ा डिफॉल्टर राज्य’

असम में एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट से 40 लाख लोगों को बाहर कर दिए जाने का मुद्दा पूरे देश में गरमाया हुआ है। सत्ताधारी दल और विपक्ष में इसको लेकर खूब ठनी हुई है। इन सब के बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए एक परेशान करने वाली खबर आयी है।
भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त शैलेश ने कहा है कि एनआरसी प्रक्रिया में पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा डिफॉल्टर राज्य था। बता दें कि एनआरसी की प्रक्रिया उन लोगों से संबंधित हैं जो किसी दूसरे राज्य से हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से असम में रहते हैं। एनआरसी से जुड़ी समूची प्रक्रिया को देखने वाले आरजीआई शैलेश ने यह भी कहा कि उन्होंने एनआरसी अधिकारियों द्वारा मांगे गए दस्तावेज एकत्र करने में पश्चिम बंगाल सरकार की मदद के लिए अपने खुद के स्टाफ तक को लगा दिया, लेकिन प्रयास बेकार रहे।
शैलेश ने कहा कि सभी राज्यों में पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य था जहां से हमें ज्यादातर दस्तावेज नहीं मिले। हमें संघर्ष करना पड़ा। हमें फॉलो अप करना पड़ा। पश्चिम बंगाल से हमें संतोषजनक संख्या में दस्तावेज नहीं मिले। पश्चिम बंगाल का जवाब संतोषजनक नहीं था। शैलेश ने यह भी कहा कि एनआरसी अधिकारियों और पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के बीच वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई और पश्चिम बंगाल से जवाब देने का आग्रह किया गया।
वहीं, एक आकलन के मुताबिक पश्चिम बंगाल ने एनआरसी अधिकारियों द्वारा भेजे गए 1.14 लाख दस्तावेजों में से केवल छह प्रतिशत का ही जवाब दिया। अन्य दूसरे बड़े डिफाल्टरों में बिहार, चंडीगढ़, मणिपुर और मेघालय थे जिन्होंने प्रमाणन के बाद महज दो से सात प्रतिशत दस्तावेजों को ही लौटाया।

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