राज्य में पूंजीपतियों की सरकार : अनामिका पासवान

ये बिहार की राजनीति की मर्दानियां हैं। हम इन्हें मर्दानी इसलिए कह रहे हैं कि अपने मुकाम के लिए इन सबने बहुत संघर्ष किया और आज भी कर रही हैं। इन्हें थाल में सजाकर कोई पद नहीं मिला। संघर्ष के हर चूल्हे -चौके को लांघकर इन्होंने सियासत की देहरी पर अपने पांव जमाए हैं। हर विषय पर इनके अपने मौलिक विचार हैं। ये गलत को गलत और सही को सही कहने का माद्दा रखती हैं। हम आनेवाले अंकों में ऐसी और भी सियासी मर्दानियों से आपको रू-ब-रू करायेंगे। इस अंक में पढ़िये चार नेत्रियों की कहानी, हमारे संवाददाता रतन कुमार की जुबानी…
बिहारी राजनीति की ये मर्दानियां -1
हिदुस्तानी आवाम मोर्चा, सेक्युलर की तेजतर्रार नेत्री, प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनामिका पासवान का जन्म सांसद देवानंद पासवान के घर हुआ। अनामिका पासवान बचपन से ही अपने पिता के साथ राजनीतिक सभाओं में जाया करती थीं, अपनी बेबाक अंदाज के लिए बिहार की राजनीति में वे एक जानी-मानी नेत्री हैं पटना के मलाही पकरी में दलितों की बस्ती को जब उजाड़ा गया था तब उन्होंने इसके लिए आंदोलन किया। अनामिका ने कहा कि दलितों, पिछड़ों के हक की लड़ाई आज कोई भी पार्टी नहीं करती है सभी केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे रहते हैं।
लेकिन केवल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर पार्टी ही दलितों और पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ती है। इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के हक की बात तो सभी करते हैं लेकिन हक देने की बात आती है तो सभी पीछे हट जाते हैं महिलाओं को अपने हक की लड़ाई खुद लड़नी होगी राजनीति में महिलाओं को आगे आना चाहिए। किसी भी चुनाव में पार्टियां महिलाओं को 15% ही टिकट देती हैं, उसमें भी ज्यादातर सांसद विधायक या दबंगों के परिवार की ही महिलाओं को टिकट दिया जाता है जबकि पार्टी से जुड़ी कार्यकर्ता को नजरअंदाज कर दिया जाता है। वो कहती हैं कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर पार्टी आगामी चुनाव में महिलाओं को कम से कम 30% देगी, सभी पार्टियां अगर 33% आरक्षण महिलाओं को दें तो महिला विधायक की जरुरत ही नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार कहते फिर रहे हैं कि पिछले 15 सालों से जबसे वे मुख्यमंत्री बने हैं तब से बिहार में काफी विकास हुआ है वह लोगों से अपने काम के नाम पर जनता से वोट मांगते हैं मुख्यमंत्री को जनता की चिंता नहीं है उनके द्वारा दिखाया गया विकास का सपना झूठ का पुलिंदा है। लड़कियों के चलाए गए साइकिल योजना में काफी घोटाला हुआ है बड़ी संख्या में ऐसी लड़कियां हैं जिन्हें साइकिल मिला ही नहीं है। आठवीं से बारहवीं की लड़कियों को लैपटॉप देने की योजना अभी तक बिहार में लागू नहीं हुई है। बिहार में शिक्षा का स्तर काफी नीचे है हर दिन शिक्षा विभाग में कोई न कोई घोटाला हो रहा है सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है जब तक सरकारी स्कूलों में नेता, अफसरों के बच्चे नहीं पढ़ेंगे तब तक सरकारी शिक्षा में सुधार नहीं होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज में वीआईपी इलाकों के इंदिरा आवास को तोड़वा कर बड़े-बड़े बिल्डिंग का निर्माण करवाया जा रहा है, बिहार में शराबबंदी की पहल अच्छी है लेकिन शराब की दुकान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुलवाए थे। उनके शासनकाल में ही बिहार में शराब की दुकानें ज्यादा खोली गईं। अनामिका ने कहा कि शराबबंदी कानून गलत तरीके से बनाया गया है। इस कानून के तहत केवल गरीबों को जेल भेजा जा रहा है अमीरों के घर तो शराब की होम डिलीवरी हो रही है। अभी तक सवा लाख गरीबों को जेल में बंद कर दिया गया है कई ऐसे थाने हैं शराब बेची जाती है यह लाइसेंसधारी गुंडे हैं। बालू बंद कर मजदूरों को भुखमरी की कगार पर ला दिया गया है पहले उसका निदान करना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार पूंजीपतियों की सरकार है नोटबंदी के समय गरीबों के खाते में 15 – 15 लाख रुपए गरीबों के खाते में भेजने की बात की गई थी, कहां गए वो वादे। भारत सरकार की सारी योजनाओं का निजीकरण कर पूंजीपतियों को फायदा दिया जा रहा है, केंद्र सरकार ने मात्र 5 करोड़ सालाना की आय पर लाल किले को पूंजीपतियों के हवाले कर दिया जबकि उससे ज्यादा कमाई तो सालाना अभी ही होती थी। बिहार में अपराध दिनों दिन बढ़ता जा रहा है हर दिन हत्या, बलात्कार, किडनैपिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नीतीश कुमार के राज में अफसरशाही बहुत बढ़ गई है गरीब छात्रों की छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फंसाया गया है सृजन घोटाला मामले में सुशील मोदी और उनके परिवार के नाम आने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। दलित समाज आज कुंठित है बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने जिस संविधान को बनाया उसे क्यों खंडित किया जा रहा है क्या है यह एक सोची समझी साजिश चल रही है। क्या आरक्षण को समाप्त करने की सुनियोजित कोशिश हो रही है! अनामिका पासवान ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि कहीं ना कहीं भाजपा और फरर सुप्रीम कोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *