क्या मजबूरी में नीतीश का साथ देते थे जार्ज!

-जार्ज फर्नांडीस की निकट सहयोगी जया जेटली ने किया खुलासा!

-लालू से चिढ़ते थे जार्ज फर्नांडीस : जया जेटली

क्या लालू से चिढ की वज़ह से वरिष्ठ समाजवादी नेता जार्ज फर्नांडीस नीतीश कुमार का साथ मजबूरी में देते थे। क्या जार्ज नीतीश के अहंकार से परेशान थे! क्या जार्ज को लगता था कि नीतीश कुमार हर हालत में अपनी ही बात और पसंद पार्टी पर थोपते थे! क्या लालू की भ्रष्टाचार कथाओं से परेशान जार्ज ने उबकर नीतीश को चुना था! क्या जार्ज को तभी लग गया था कि लालू की सियासी काट ओबीसी के नीतीश ही हो सकते हैं! ऐसे कई सियासी राज पर से पर्दा हटाने की कोशिश की जार्ज की निकट राजनीतिक सहयोगी और जदयू की अंतरिम अध्यक्ष रह चुकी जया जेटली ने। हालाँकि जदयू और राजद दोनों ने जया की बातों से इनकार किया है और इसे सियासी चर्चा में रहने का हथकंडा बताया है। लेकिन बिहार की राजनीति में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गयी है।

जया जेटली ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शरद यादव कागजी शेर बने हुए हैं, वो केवल स्वार्थ की राजनीति करते हैं। शरद यादव पर निशाना साधते हुए जया जेटली ने कहा कि शरद यादव के बारे में सभी जानते हैं कि वो संघर्ष की राजनीति नहीं केवल सुविधा की अपनी सियासत करते हैं। नीतीश कुमार का विरोध भी शरद अपने स्वार्थी एजेंडा के चलते कर रहे हैं।

लालू के बारे में बात करते हुए जया जेटली ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जार्ज का मजाक उड़ाया था लालू ने। जार्ज सहित अजित सिंह, रामकृष्ण हेगड़े और जनता दल के कई वरिष्ठ नेता लालू की जगह रामसुन्दर दास को बिहार के मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते थे। 3 वोटों से लालू दास से जीत गए और बिहार का सारा सत्ता समीकरण बदल गया। लालू की भ्रष्टाचार की कई शिकायतों की वज़ह से जार्ज लालू को सख्त नापसंद करते थे। बाद में लालू की काट के तौर पर जार्ज ने ही बिहार के तेज तर्रार ओबीसी चेहरे नीतीश को आगे बढ़ाया तथा केंद्र में इनकी छवि बनाई।

जया कहती हैं कि धीरे-धीरे नीतीश के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा। वो पार्टी फोरम पर हर हाल में अपनी चलाने और अपनी बात मनवाने की कोशिश करने लगे। जार्ज को ये अलोकतांत्रिक रवैया नापसंद था लेकिन वो लालू विरोध के चलते मजबूरी में नीतीश कुमार का साथ देते रहे।

इधर जया के बयान पर पलटवार करते हुए जदयू ने कहा है कि जया जेटली केवल राजनीतिक चर्चा में बने रहने के लिए यह सब कह रही हैं। राजद के वरिष्ठ नेता डॉ राणा ने भी जार्ज का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनकी राजनीति छद्म थी। वो कहते कुछ और करते कुछ थे।

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