लालू ने जज से कहा, बहुत ठंड है, आप दिमाग ठंडा रखें

चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर सजा का एलान गुरुवार को भी नहीं हो सका। अब अदालत शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगी। लेकिन अदालत में लालू और जज के बीच मजेदार बात जरूर हुई। अदालत में लालू ने जज से यहां तक कह दिया कि ठंड बहुत है इसलिए थोड़ी ठंड रखिए। लालू ने अपने बेटे तेजस्वी यादव और तीन अन्य साथियों शिवानंद तिवारी, मनीष तिवारी और रघुवंश प्रसाद सिंह को अदालत की अवमानना के आरोप में मिले नोटिस को वापस लेने की गुहार कोर्ट से लगाई। लालू ने अपने वकील होने की धौंस भी दी।

लालू ने जज से कहा- क्या हमें कल अदालत में हाजिर होना है? जज ने कहा- अगर आपको कोई समस्या हो तो बताइए, अपने साथियों से कहिए कोई प्रदर्शन न करें। लालू ने कहा कि अगर कोई ऐसा करेगा तो वह उसे पार्टी से निकाल देंगे। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अदालत का कहना मानेंगे। लालू ने फिर जज से कहा कि उन्हें वीडियो कॉन्फ्रिंग के बजाय अदालत में प्रत्यक्ष तौर पर बुलाया जाए। जज ने कहा कि इसके लिए जगदीश शर्मा, विजिलेंस और बिहार के पूर्व डीजीपी डीपी ओझा जिम्मेदार हैं। जज ने कहा उन्होंने उनके फैसले की जाति के आधार पर आलोचना की थी। लालू ने कहा- जिन्हें आपने अवमानना का नोटिस दिया है, उन्होंने कुछ नहीं कहा है। वे कह चुके हैं कि कानून का पालन करेंगे। जज ने कहा कि उन्होंने मेरे फैसले को जाति आधारित कहा।

लालू ने कहा- यह राजनीति की भाषा है। आपके खिलाफ कुछ भी नहीं कहा। जाति मायने नहीं रखती है। अब तो अंतरजातीय विवाह भी हो रहे हैं। इसी के साथ लालू ने उनके साथियों के नोटिस वापिस लेने की गुहार लगाई। जज ने कहा कि उन्हें 23 तारीख को अदालत में आना होगा। लालू बोले- मैं सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट का वकील हूं। इस पर जज ने कहा कि आपको जेल में डिग्री कर लेनी चाहिए। लालू यहीं नहीं रुके और बोले कि यहां बहुत ठंड है, आप अपना दिमाग ठंडा रखें। जज ने कहा- मैं अपने दिमाग से काम करता हूं। आपके साथियों ने कहा कि मैं पक्षपात करता हूं।

इस बहुचर्चित मामले में लालू के अलावा 15 अन्य लोगों के खिलाफ शुक्रवार को सजा का एलान होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जज शिवपाल सिंह ने अदालत में खुलासा किया कि सुनवाई से पहले लालू के लोगों ने उन्हें फोन किया था। एएनआई के मुताबिक जज ने लालू से कहा कि आपके कई रेफरेंसेज आए हैं मगर चिंता मत कीजिए, मैं सिर्फ कानून का पालन करूंगा। मामले में एजेंसी के वकील ने अदालत से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा की दरख्‍वास्‍त की ताकि कोई ऐसा भयंकर अपराध करने का दुस्‍साहस न कर सके।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *