Fodder Scam: दो अधिकारियों की गवाही अदालत में हुई दर्ज

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जुड़े चारा घोटाला मामले में सोमवार को दो अधिकारियों की गवाही अदालत में दर्ज की गई। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार की अदालत में देवघर के जिला परिवहन पदाधिकारी प्रेमलता मुर्मू व दिल्ली के मोटर लाइसेंसिंग अधिकारी पीएस पंचपाल ने गवाही दी। गवाही वीडियो कांफ्रेसिंग ई कोर्ट रूम में दर्ज की गई। इस दौरान जेल में बंद अभियुक्त वीडियो काफ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए थे।

दोनों अधिकारियों ने सीबीआइ एसपी द्वारा पत्र लिखकर मांगे गए वाहनों से संबंधित जानकारी दी। अपने पूर्व के पदाधिकारियों द्वारा सीबीआइ एसपी रांची को भेजे गए पत्र की पहचान न्यायालय में की। पत्र के साथ वाहनों का विवरण भी भेजा गया था, गवाहों ने इसकी भी पहचान न्यायालय में की। प्रेमलता मुर्मू ने अदालत को बताया कि उनके यहां से 4 वाहनों का विवरण भेजा गया था, उसमें तीन ट्रक और एक जीप था।

इसके अलावा पीएस पंचपाल ने बताया कि अनेक वाहनों का विवरण उनके यहां से भेजा गया था, जिसमें 20 वाहन गैर व्यवसायिक थे। दोनों अधिकारियों की गवाही सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने अदालत में दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मामले में पटना के एक अन्य गवाह नागेश्वर प्रसाद अंबष्ट को समन किया गया था, लेकिन वे दिए गए पते पर मौजूद नहीं मिले। इसलिए उनके समन का तामिला नहीं हो सका। अदालत में इसकी भी सूचना दी गई।

गौरतलब है कि डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में सुनवाई डे टू डे चल रही है। इस मामले में लालू प्रसाद भी न्यायिक हिरासत में हैं, लेकिन वर्तमान में उनका इलाज दिल्ली के एम्स में चल रहा है। इस कारण वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। इसके लिए उनके अधिवक्ता ने पूर्व में ही अदालत में आवेदन दाखिल कर इलाज से संबंधित सूचना दे दी है। यह मामला डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से संबंधित है। मामले में 120 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं।

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