श्रमिक नेता एके राय को धमकाने पर धनबाद प्रशासन मौन

धनबाद के पूर्व सांसद और देश के जाने माने श्रमिक नेता और विचारक एके राय को धनबाद के तीन कोयला चोरों ने राजनीतिक रूप से खत्म करने की धमकी दी। कोयला चोरों ने बीमार चल रहे राय दा के साथ दुर्व्यवहार किया, उन पर हमला किया, विरोध करने पर परिचारिका ललिता देवी को जान से मारने की धमकी भी दी। हमले के कई घंटे बाद भी मुख्य अभियुक्त प्रमोद सिंह को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

निरसा विधायक अरूप चटर्जी तथा मार्क्सवादी समन्वय समिति के कई अन्य नेताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि अगर एके राय की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ हुआ तो उग्र आन्दोलन होगा।

सवाल यह उठता है कि जीवन भर कोयला माफियाओं से लड़ाई लड़ने वाले राय दा को प्रशासन ने आखिर सुरक्षा क्यों नहीं दी है। एक से एक दागी और कोयला चोरी के आरोपियों को धनबाद पुलिस ने सुरक्षा दी हुई है। लेकिन कई बार सांसद रह चुके राय की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। यह एक बड़ा सवाल है, राय दा के समर्थक यह जानना चाहते हैं कि क्या कोई राजनीतिक साजिश रची जा रही है।

कोयला चोरी के आरोपी प्रमोद सिंह, रिंकू पटेल और सिंटू सिंह आखिर एके राय को क्षति पहुँचाने क्यों गए थे! क्या उनके पीछे कोई और है! कौन है जो मासस के संस्थापक को राजनीतिक तौर पर ख़त्म करना चाहता है। मासस जैसे बड़े राजनीतिक संगठन के लोगों ने भी आखिर इस बीमार विचारक की सुरक्षा के लिए कुछ वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किया।

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