सीएम नीतीश कुमार को कुर्सी का लालच नहीं : रीना यादव

जदयू एमएलसी रीना यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी निजी स्वार्थ को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने हमेशा बिहार की जनता की भलाई के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी का लालच कभी नहीं रहा है। रीना यादव ने राजनीतिक गुरु से खास बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अगर कुर्सी का लालच रहता तो वह अपनी जगह जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री नहीं बनाते।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी भी गलत चीजों के हिमायती नहीं रहे हैं गलत करने वाला चाहे कोई भी क्यों न हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसका विरोध करते हैं और उन्हें सजा दिलाते हैं। नीतीश कुमार केवल काम करने में विश्वास करते हैं। नीतीश कुमार का मानना है कि हम सभी को बिहार के विकास के लिए काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के विकास की चिंता करते हैं ना कि वोट की। वह कभी ये नहीं सोचते कि अगली बार हमारी सरकार बनेगी या नहीं।

वे दिन-रात बिहार के विकास के लिए काम करते रहते हैं। अगर नीतीश कुमार केवल अपनी कुर्सी के बारे में सोचते तो बिहार में कभी भी शराबबंदी नहीं होती। समाज के लिए अच्छा काम करने के प्रति वे कृतसंकल्प हैं। उन्होंने अपनी कुर्सी की परवाह किए बिना शराबबंदी को लेकर कदम उठाया है जिसके कारण राजस्व में कमी आई। लेकिन जनता के हित में यह फैसला लिया गया। जितनी भी सरकार आती हैं ज्यादातर कुर्सी के चक्कर में अच्छा काम नहीं कर पाती हैं। नीतीश कुमार जो कहते हैं, वही करते हैं।

उन्होंने कहा था कि महिलाओं को 35% आरक्षण दिया जाएगा तो उन्होंने दिया। शराबबंदी करने की बात कही थी तो उन्होंने बिहार में शराब बंद कर दिया। 2005 से अब तक बिहार में विकास काफी हुआ है। बिहार में गांव-गांव में सड़क से लेकर बिजली तक में काफी काम किया गया है। गांव-गांव में बिजली 20 से 22 घंटे रहती है। पूरे देश में इसकी प्रशंसा हो रही है।

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