चिल्लाते रहे प्रदीप, सरकार ने दिया अडाणी को जमीन

विपक्ष के लगातार विरोध के बावजूद सरकार ने अडाणी पावर को जमीन दे दी. झाविमो नेता प्रदीप यादव ने राज्य सरकार के फैसले के विरुद्ध लगातार आवाज उठाई. विरोध के कारण चार महीने जेल में भी रहे. प्रदीप यादव का कहना है कि अडाणी द्वारा पावर प्लांट बैठना जनहित कार्य नहीं है. वहीं गोड्डा में पावर प्लांट से उत्पादित बिजली पश्चिम बंगाल के ढाका को मिलेगी. प्लांट लगने से घनी आबादी वाले इस क्षेत्र से लाखों लोग विस्थापित हो जायेंगे. पानी सहित विभिन्न सुविधाओं का घोर अभाव हो जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोड्डा के रैयतों से जबरदस्ती कर भूमि अधिग्रहण का कार्य कर रही है.

लेकिन सरकार ने विपक्ष की मांग को सिरे से ख़ारिज कर दिया और जमीन हस्तानांतरण की प्रक्रिया तेज करते हुए आखिरकार मुख्य सचिव राज बाला वर्मा ने मंगलवार को अडाणी पावर को 175 एकड़ अधिग्रहित भूमि हस्तांतरित करने का प्रपत्र सौंपा.

इस मौके पर मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 1600 मेगावाट के पावर प्लांट की स्थापना से न केवल गोड्डा का विकास होगा बल्कि पूरे झारखंड को 400 मेगावाट बिजली भी मिलेगी. उन्होंने टीम झारखंड को बधाई देते हुए कहा कि मात्र दस महीने में कठिन परिश्रम कर 970 एकड़ भूमि के विरूद्ध 174.84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर हस्तांतरण की प्रक्रिया आज पूरी की गई है. उन्होंने आज अडाणी पावर लिमिटेड के सीइओ श्री राजेश झा को 174.84 एकड़ भूमि का प्रपत्र सौंपा और उम्मीद जताई कि कंपनी द्वारा जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जायेगा.

श्रीमती वर्मा ने कहा कि अडाणी पावर प्लांट से जहां 10000 लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं 15000 करोड़ रूपये का निवेश प्रथम चरण में किया जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 970 एकड़ भूमि अर्जन के विरूद्ध 174.84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है तथा बाकी भूमि को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जायेगी.

इस अवसर पर अडाणी पावर लिमिटेड के सीईओ श्री राजेश झा ने कहा कि प्रदूषण से शत प्रतिशत मुक्त यह विश्व का ऐसा पावर प्लांट होगा जहां किसी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति नहीं होगी. उन्होंने कहा कि स्थानीय रैयतों की इच्छा के अनुरूप ही भूमि का अधिग्रहण निहित प्रावधानों के अनुसार किया गया है तथा गोड्डा के लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है. उन्होंने झारखंड की उर्जा नीति को देश की बेहतर उर्जा नीति बताया. स्थानीय प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द ही गोड्डा ग्लोबल मैप पर आयेगा तथा कुल उत्पादन की 25 फीसदी बिजली से झारखंड रौशन होगा.

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