मधु कोड़ा की सजा पर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक

झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री मधु कोड़ा की सजा पर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कोयला घोटाला मामले में फिलहाल रोक लगा दी है. ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कोड़ा को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी. दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने कोड़ा की सजा पर 22 जनवरी तक रोक लगाने के आदेश दिए हैं.

दरअसल, कोयला ब्लॉक आवंटन के एक मामले में हुई अनियमितता को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को बीते 16 दिसंबर को एक अदालत ने तीन साल कारावास की सजा सुनाई थी. विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने कोड़ा के करीबी सहयोगी विजय जोशी, पूर्व कोयला सचिव एच. सी. गुप्ता, झारखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव ए.के.बसु को भी तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने कोड़ा और जोशी पर 25-25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. इसके साथ ही गुप्ता और बसु दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.

अदालत ने 13 दिसंबर को कोड़ा, जोशी, गुप्ता, बसु और निजी कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार दिया था. अदालत ने वीआईएसयूएल पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. अदालत का यह फैसला झारखंड के राजहरा उत्तर कोयला ब्लॉक को वीआईएसयूएल को आवंटित करने से संबंधित है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत से मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कोड़ा और अन्य को अधिकतम सात साल कैद की सजा देने की मांग की थी.

एजेंसी ने कहा था कि उच्च पद पर काबिज वे लोग अपराधी हैं और उनके पद और आचरण को देखते हुए उनके प्रति उदारता दिखाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है. कोर्ट ने वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव तुलस्यान, दो लोकसेवकों बसंत कुमार और बिपिन बिहारी सिंह और चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन कुमार तुलस्यान को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. सीबीआई ने कोड़ा और अन्य पर वीआईएसयूएल को कोयला ब्लॉक आवंटित करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया था.

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