माकपा के शीर्ष नेतृत्व के इशारे केरल में हो रही संघ कार्यकर्ताओं की हत्याएं

-केरल में अन्य राज्यों की अपेक्षा संघ की सर्वाधिक 4500 शाखाएं

रांची में आयोजित आरएसएस के बौधिक कार्यक्रम प्रज्ञा प्रवाह के समागम के अवसर पर " केरल में कम्युनिस्ट आतंक बनाम लोकतंत्र का भविष्य" विषय पर बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंद कुमार ने संघ कार्यकर्ताओं पर केरल में हो रहे लगातार हिंसक हमले को माकपा के शीर्ष नेतृत्व का सुनियोजित वैचारिक षडयंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार हमलों के बाबजूद भी केरल में उत्साही स्वयं सेवकों के द्वारा कुल 4500 शाखाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने रांची महानगर के बुद्धिजीवियों सहित पूरे देश के बौद्धिकों का आह्वान किया कि वे संघ कार्यकर्ताओं पर केरल में हो रहे दमनात्मक हमलों के विरूद्ध वैचारिक रूप से सहयोग प्रदान करें।

 
जे. नंद कुमार ने कहा कि केरल में अब तक 286 संघ कार्यताओं की हत्या हुई है जिसमे 4 महिलायें भी शामिल हैं। इन जघन्य हत्याओं के पीछे मात्र स्थानीय राजनीति ही नहीं बल्कि उनके शीर्ष नेतृत्व के निर्णय भी है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने इस मौके पर कहा कि जन भूमि व संस्कृति से ही राष्ट्र की अवधारणा है। भारत संतों, मुनियों महात्माओं व ऋषियों का देश है। ज्ञान का प्रवाह हमारे संस्कृति थाती रही है जिसे हमारी शिथिलता, आक्रान्तियों और औपनिवेशिक शासन ने लगातार नष्ट किया है। इसी दौर में मनुष्य भ्रमित हुआ जिसके फलस्वरूप भारतीय समाज भी भ्रमित रहा है।

उन्होंने कहा की प्रज्ञा प्रवाह ने बीड़ा उठाया है कि हम अपनी वैचारिक और संस्कृतिक निरंतरता को आगे बढ़ाएं। दत्तात्रेय जी ने कहा कि देश का जनजातीय समुदाय भी राष्ट्र निर्माण में बराबर का सहभागी रहा है। उनका लोहा गलाने की तकनीक, कपड़े बुनने की शिल्पकारी, प्रकृति एवं पर्यावरण प्रेम आज भी अक्षुण्ण है। लगातार विरोधाभासों के बावजूद भी उन्होने अपनी विशिष्ट संस्कृति को अन्य समाजों की अपेक्षा प्रभावित होने नहीं दिया। जहां अन्य समाजों ने मानसिक गुलामी स्वीकार किया वहीं जनजातीय समाज ने अपने जीवन पर मानसिक गुलामी को कभी हावी नहीं होने दिया। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित लोक मंथन में आए विचारों एवं लेखों पर पुस्तक एवं कॉफी टेबल बुक का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड के कुलपति डॉ नन्द कुमार यादव ‘इन्दु’ जी ने की। इस अवसर पर महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. कपिल कपूर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समाज विज्ञान परिषद के संचालक वी. पी. कृष्ण भट्ट, केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य विभाग श्री सुदर्शन भगत सहित पूरे देश से आए प्रज्ञा प्रवाह के राज्य प्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी शामिल थे।

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