कौन कर रहा योगेन्द्र साव की बेटी के खिलाफ साजिश !

डीएसपी पर षडयंत्र रचने का आरोप
कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और वर्तमान विधायक निर्मला देवी की बेटी अंबा प्रसाद के खिलाफ केरेडारी थाने में मारपीट, धमकी देने और सरकारी काम में बाधा डालने का केस क्या कोई सोची समझी साज़िश है ! क्या योगेन्द्र परिवार के सभी सदस्यों के खिलाफ कोई अभियान चलाया जा रहा है ! विधायक पुत्री के खिलाफ यह केस केरेडारी थाने के चौकीदार गुलाम मुस्तफा की लिखित शिकायत पर दर्ज की गयी जबकि चौकीदार की उस समय घटनास्थल की बजाय थाने में ड्यूटी थी. यह बात खुद गुलाम मुस्तफा ने कही है. इससे साफ़ पता चलता है कि जानबूझकर वरीय पुलिस अधिकारी योगेन्द्र साव की पुत्री को फर्जी मामले में फंसा रहे थे.
गुलाम मुस्तफा के अनुसार बड़कागांव डीएसपी ने उससे सादे कागज पर दस्तखत कराया. बैक डेट से उसकी उस जगह ड्यूटी दिखा दी गई. योगेंद्र साव और चौकीदार के बीच बातचीत की ऑडियो से यह खुलासा हुआ है. अंबा ने शनिवार को हजारीबाग कोर्ट में सरेंडर किया, जहां से उन्हें जमानत दे दी गई.
बताया जाता है कि विधायक निर्मला देवी की प्रतिनिधि बनकर स्पॉट पर पहुंची उनकी पुत्री अंबा 23 करोड़ की लागत से घाघरा नहर के पक्कीकरण काम में गड़बड़ी देखने पहुंची थी. जल संसाधन विभाग की विशेष टीम जांच के लिए 30 और 31 पहुंची थी. शिकायतकर्ता होने के कारण विधायक निर्मला देवी को भी बुलाया गया था. कोर्ट के आदेश के अनुसार वे जा नहीं सकती. लिहाजा अंबा मां की प्रतिनिधि के तौर पर वहां पहुंचीं. दूसरे पक्ष का आरोप है कि अंबा अपनी मां का बॉडीगार्ड लेकर आई थीं. वह बार-बार कागज मांग रही थीं.
सवाल उठता है कि क्या स्थानीय पुलिस अधिकारी ठेकेदार के दवाब में ऐसा करा रहे हैं या ऊपर का ऐसा दवाब है. लेकिन इस तरह की घटना में राजनीतिक प्रतिशोध की बू तो अवश्य आती है.

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