कांग्रेस मुस्लिम महिलाओं के साथ कर रही अन्यायः अनंत

कांग्रेस के रुख से परेशान बीजेपी नेता और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने शुक्रवार को तीन तलाक विधेयक का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अतीत से सीख लेना चाहिए व विधेयक को पारित होने देना चाहिए.

अनंत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "वे मुस्लिम बहनों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं. वे शाह बानो मामले की तरह इस मामले में भी अन्याय कर रहे हैं". कांग्रेस के विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग की निंदा करते हुए कुमार ने कहा, "हर दिन वे एक नया बहाना करते हैं और उनकी विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग सभी को गुमराह करने की चाल है. मैं इसकी निंदा करता हूं". उन्होंने कहा, "कांग्रेस को इतिहास से सीखना चाहिए और तीन तलाक विधेयक को पारित होने देना चाहिए”.

भाजपा नेता की यह टिप्पणी गुरुवार को राज्य सभा में तीन तलाक विधेयक पर जारी गतिरोध के मद्देनजर आई है. सरकार ने विधेयक की विस्तृत जांच के लिए विपक्ष द्वारा विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग को खारिज कर दिया. सरकार ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2017 को शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विचार के लिए रखने का निर्णय किया है. यह विधेयक तत्काल तीन तलाक दिए जाने को आपराधिक बनाता है.

दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है. पिछले तीन दिनों ने राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर खूब हंगामा हो रहा है. लोकसभा में इस बिल पर सरकार के साथ खड़ी कांग्रेस राज्यसभा में विरोध में खड़ी है. कांग्रेस के विरोध के चलते सरकार तीन तलाक बिल पर चर्चा भी नहीं करा पा रही है. कांग्रेस इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग पर अड़ी है. कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने सदस्यों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने के निर्देश जारी किए हैं. कांग्रेस ने ट्रिपल तलाक बिल पर सरकार को पटखनी देने की पूरी तैयारी कर ली है.

लोकसभा में बहुमत होने के कारण केंद्र सरकार ने बड़े ही आराम से तीन तलाक बिल को पारित करा लिया था, लेकिन राज्यसभा में उसके लिए यह काम दूर की कौड़ी साबित हो रहा है. लोकसभा में साथ देने वाली कांग्रेस उच्च सदन में आक्रमक मुद्रा में आ गई है. विपक्ष का साफ कहना है कि इस बिल में कई खामियां हैं, जिनके सुधार के लिए इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना जरूरी है.

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